हरियाणा में सरकार गठन से पहले ही बीजेपी के सामने भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई का दबाव बनने लगा है. सीनियर आईएएस अधिकारी अशोक खेमका ने नई सरकार से पूछा है कि क्या वह लाइसेंस-ट्रांसफर में धांधली को रोक पाएगी और भ्रष्टाचार करने वालों पर कार्रवाई करेगी?
Will new regime in Haryana be able to resist money making in license-transfers and name and shame all those who profiteered in the past?
— Ashok Khemka, IAS (@AshokKhemka_IAS) October 21, 2014
याद रहे कि अशोक खेमका ने ही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के विवादित जमीन सौदे को रद्द किया था. वह अपनी ईमानदारी के लिए जाने जाते हैं. अपनी ईमानदारी की वजह से ही उन्हें कई तबादले और जान से मारने की धमकी तक झेलनी पड़ी.
साल 1991 के हरियाणा कैडर के अधिकारी खेमका अब तक 44 विभागों में तैनात किए जा चुके हैं. फिलहाल वह हरियाणा के आर्काइव्स और आर्कियोलॉजी विभाग के महानिदेशक हैं.
गौरतलब है कि चुनाव से पहले बीजेपी ने वाड्रा डील को आधार बनाकर कांग्रेस पर खूब हमले किए थे. अब सत्ता में आने के बाद उस पर नैतिक रूप से वाड्रा मामले की जांच कराने का दबाव तो बन ही गया है. कैप्टन अभिमन्यु ने एक अंग्रेजी अखबार से कहा कि जमीन घोटाले में जांच कराना बीजेपी के एजेंडे में सबसे ऊपर है.