scorecardresearch
 

गुड़गांव: महंगा पड़ा मोटापा घटाने का वादा, हर्जाने के साथ लौटानी पड़ी फीस

गुड़गांव में एक स्लिमिंग सेंटर मोटापा घटाने का वादा पूरा नहीं कर पाया तो महिला कंज्यूमर कोर्ट चली गई. कोर्ट ने स्लिमिंग सेंटर को पूरी फीस और हर्जाना चुकाने का आदेश दिया है.

Symbolic Image Symbolic Image

गुड़गांव में एक स्लिमिंग सेंटर मोटापा घटाने का वादा पूरा नहीं कर पाया तो महिला कंज्यूमर कोर्ट चली गई. कोर्ट ने स्लिमिंग सेंटर को पूरी फीस और हर्जाना चुकाने का आदेश दिया है.

दिल्ली की रहने वाली मधुमिता बिस्वास ने 20 मई 2013 को गुड़गांव का डीएलएफ स्लिमिंग सेंटर ज्वाइन किया था. 50 हजार रुपये की फीस वसूलते समय स्लिमिंग सेंटर ने उनसे वादा किया था कि हर सेशन में उनके पेट का 1 इंच फैट कम होगा. अंग्रेजी अखबार 'टाइम्स ऑफ इंडिया' ने यह खबर दी है.

साथ ही उनसे कहा गया था कि उनका वजन भी 10 किलोग्राम कम हो जाएगा, पर ऐसा नहीं हो सका. 50 दिन बाद भी नतीजे टारगेट से कहीं कम थे. वादे के उलट स्लिमिंग सेंटर में कोई लेटेस्ट मशीन नहीं थी और न ही कोई डॉक्टर उपलब्ध होता था.

निराश होकर मधुमिता ने कंज्यूमर कोर्ट जाने का फैसला किया. जज राज कुमार तेवतिया ने मामले को गंभीरता से लिया और आखिरकार मधुमिता की लड़ाई रंग लाई. मई 2014 में दर्ज कराई गई शिकायत पर फैसला 18 मई 2015 को आया. जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम ने स्लिमिंग सेंटर को आदेश दिया कि वो मधुमिता को 50,000 रुपए रिफंड करे. उसके अलावा मधुमिता को हुई परेशानी के एवज में उन्हें 10,000 रुपये का हर्जाना और 5,500 रुपये मुकदमेबाजी का खर्च चुकाने को भी कहा है.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें