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हरियाणा में आवारा गायों को पकड़ने में छूटे नगर निगम कर्मचारियों के पसीने

हरियाणा सरकार ने पहले ऐलान किया था कि 15 अगस्त तक हरियाणा की सड़कों को कैटल फ्री कर दिया जाएगा यानी सड़कों पर घूमने वाले आवारा और बेसहारा गायों व बैलों को पकड़कर नंदीशालाओं और गौशालाओं में छोड़ दिया जाएगा.

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आवारा गाय को पकड़ता कर्मचारी
आवारा गाय को पकड़ता कर्मचारी

गायों के पीछे दौड़ते और उनको पकड़ने की मशक्कत करते ये कोई गौ रक्षा दल के कार्यकर्ता नहीं बल्कि हरियाणा के कुरुक्षेत्र नगर निगम के कर्मचारी हैं जोकि हरियाणा सरकार की तरफ से सड़क पर घूम रहे आवारा और बेसहारा गायों व बैलों को पकड़ने की डेडलाइन मिस कर चुके हैं. फिलहाल सड़कों पर घूम रहे आवारा और बेसहारा गायों व बैलों को पकड़कर नंदीशालाओं और गौशालाओं में छोड़ने की मशक्कत कर रहे हैं.

 सड़कों को कैटल फ्री करने का ऐलान

दरअसल हरियाणा सरकार ने पहले ऐलान किया था कि 15 अगस्त तक हरियाणा की सड़कों को कैटल फ्री कर दिया जाएगा यानी सड़कों पर घूमने वाले आवारा और बेसहारा गायों व बैलों को पकड़कर नंदीशालाओं और गौशालाओं में छोड़ दिया जाएगा. बाद में इस डेडलाइन को बढ़ाकर 17 अगस्त कर दिया गया था लेकिन इसके बावजूद हरियाणा की सड़कों पर अभी भी आवारा गाय-बैल घूम रहे हैं और इन्हीं को पकड़ने के लिए मशक्कत की जा रही है.

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मुश्किल में नगर निगम के कर्मचारी

हरियाणा नगर निगम के कर्मचारी रोजाना अपनी गाड़ियों और रस्सियों के साथ निकलते हैं. सड़कों पर घूम रहे आवारा और बेसहारा गायों व बैलों को उठाकर नंदीशाला और गौशालाओं में पहुंचा देते हैं. इसके लिए इन कर्मचारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है. सड़क पर घूम रहे गाय-बैलों को पकड़ना बेहद ही मुश्किल है और करनाल नगर निगम के कर्मचारियों के भी पसीने छूट जाते हैं. लेकिन हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर की तरफ से निर्देश है कि हरियाणा की सड़कों को जल्द से जल्द कैटल फ्री किया जाए और इसी वजह से करनाल में नगर निगम के सीनियर डिप्टी मेयर खुद इस पूरे कैंपेन की अगुआई करने में लगे हैं.

गायों के मालिक पर जुर्माना

हरियाणा में अभी भी कई लोग ऐसे हैं जो गायों को दूध के लिए पाल लेते हैं लेकिन जब गाय दूध देना बंद कर देती है तो उसे सड़कों पर बेसहारा छोड़ दिया जाता है. कई गरीब परिवार ऐसे हैं जो सुबह के वक्त अपनी गायों को सड़कों पर खाने की तलाश के लिए छोड़ देते हैं और बाद में शाम के वक्त अपने घर में लाकर उनका दूध निकाल लेते हैं. ऐसे लोगों के खिलाफ भी नगर निगम अब सख्ती कर रहा है और जो पालतू गाय सड़कों पर घूम रही होती हैं उनको पकड़ कर गौशालाओं में पहुंचा दिया जाता है. उसके बाद गाय के मालिक पर जुर्माना लगा कर उसका चालान काटने के बाद ही गाय को छोड़ा जाता है.

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कई गौशालाओं में गायों के मरने की खबर

हरियाणा सरकार के सामने बड़ी चुनौती है कि जब आवारा गायों और बैलों को पकड़ लिया जाता है तो इन को छोड़ा कहां जाए. सरकार का दावा है कि तमाम शहरों और गांवों में नंदीशालाएं और गौशालाएं मौजूद हैं और इनका रख-रखाव बखूबी कर सकती हैं. लेकिन ये भी सच्चाई है कि हरियाणा की कई गौशालाओं और नंदीशालाओं गायों के मरने की खबरें अक्सर आती रहती हैं. इसी वजह से सरकारी और प्राइवेट संस्थाओं की तरफ से चलाई जा रही गौशालाओं में सरकार की मदद से इन गायों और बैलों को रखने के लिए अलग से इंतजाम करना शुरू कर दिए गए हैं.

गौशालाओं को सरकारी मदद का प्लान नहीं

हरियाणा सरकार ने दावा तो कर दिया है कि हरियाणा की सड़कों को कैटल फ्री करके बेसहारा और आवारा गायों और बैलों को सड़कों से हटाकर नंदीशालाओं और गौशालाओं में रखा जाएगा लेकिन पहले से ही अव्यवस्था और बदइंतजामी से जूझ रही इन गौशालाओं और नंदीशालाओं की सरकारी मदद को लेकर अब तक कोई भी प्लान सरकार की तरफ से नहीं बनाया गया है. इसी वजह से इस सरकारी दावे को लेकर कई तरह की आशंकाएं उठना भी लाजमी है.

 

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