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कार की बैटरी से चल सकेगा ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, गुरुग्राम के इंजीनियर ने बताई तकनीक

अब उन्होंने एक ऐसा आविष्कार कर दिया है जिससे कोविड मरीजों को समय रहते ऑक्सीजन भी मिल जाएगी और उनकी जान भी नहीं जाएगी. उमेश की माने तो कार की बैटरी से ऑक्सीजन कंसंट्रेटर जोड़ लोगों की जान बचाई जा सकती है.

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कार की बैटरी से ऑक्सीजन कंसंट्रेटर चलेगा
कार की बैटरी से ऑक्सीजन कंसंट्रेटर चलेगा
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कार की बैटरी से ऑक्सीजन कंसंट्रेटर चलेगा
  • इंजीनियर के आविष्कार से बड़ी राहत
  • एंबुलेंस चालकों की मनमानी पर लगेगी रोक

कोरोना की दूसरी लहर से देश त्रस्त हो चुका है. अस्पताल के बाहर लंबी लाइनें, बेड ना मिलने पर गुहार लगाना, ऑक्सजीन सिलेंडर के लिए दर-दर भटकना. कोरोना की वजह से लोगों ने काफी कुछ झेला है और अभी भी जिंदगी पटरी पर आती नहीं दिख रही है. लेकिन इस मुश्किल समय में कुछ लोग ऐसे भी हैं जो अपने प्रयास के जरिए बड़ी मदद कर रहे हैं. ऐसे ही एक शख्स का नाम है उमेश रहेजा जो पेशे से एक इंजीनियर हैं और आविष्कारों के जरिए लोगों की जिंदगी बदल रहे हैं.

कार की बैटरी से ऑक्सीजन कंसंट्रेटर चलेगा

अब उन्होंने एक ऐसा आविष्कार कर दिया है जिससे कोविड मरीजों को समय रहते ऑक्सीजन भी मिल जाएगी और उनकी जान भी नहीं जाएगी. उमेश की माने तो कार की बैटरी से ऑक्सीजन कंसंट्रेटर जोड़ लोगों की जान बचाई जा सकती है. वे बताते हैं कि कार की बैटरी के 12 वोल्ट वाले बैकअप को इन्वर्टर से जोड़ा जा सकता है. ऐसा करने से 12 वोल्ट वाला बैकअप 220 वोल्ट का हो जाएगा और उसके जरिए आराम से घंटों तक किसी ऑक्सीजन कंसनट्रेटर को चलाया जा सकता है.

नहीं चलेगी एंबुलेंस चालकों की मनमानी

इस एक आविष्कार के बाद अब पीड़ित के परिजनों को एंबुलेंस चालकों के सामने गुहार लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. अब उन्हें उनके मनमाने रेट भी नहीं देने पड़ेगे. उमेश ने जोर देकर कहा है कि उनका ये एक ऐसा आविष्कार है जिसे किसी भी गाड़ी के जरिए सार्थक किया जा सकता है. ऐसे में समय भी बचेगा, पैसा भी बचेगा और सबसे बड़ी बात, लोगों की जान भी बच जाएगी. उमेश हिमाचल के वाले हैं, उनकी माने तो जब पहाड़ी राज्य में बिजली नहीं आती है, वे अपनी इस तकनीक के जरिए आराम से किसी भी बिजली उपकरण का इस्तेमाल कर लेते हैं. फिर चाहे वो लैपटॉप हो या फिर कोई दूसरा उपकरण.

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वैसे इस समय देश में उमेश जैसे और भी कई लोग मौजूद हैं जो सिर्फ अपनी सूझबूझ की दम पर ऐसे आविष्कार कर रहे हैं जो ना सिर्फ मुश्किलों को आसान कर रहे हैं, बल्कि समय पड़ने पर देवदूत का भी काम कर रहे हैं. उमेश भी अपने इस नए आविष्कार से खासा खुश हैं और उन्हें पूरी उम्मीद है कि कम से कम गुरुग्राम में तो उनकी इस तकनीक के जरिए कई लोगों की जान को बचाया जा सकेगा.

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