सूरत शहर साफ-सफाई के मामले में देश के टॉप शहरों में शामिल है लेकिन यहां कूड़े प्रबंधन में भ्रष्टाचार का मुद्दा सामने आया है. दावा किया गया है कि 213 करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद भी कूड़े के ढेर को हटाने में सफलता नहीं मिली है. जिस कंपनी को यह काम दिया गया था उसकी निर्धारित समय सीमा भी पूरी हो चुकी है. इसके बावजूद न तो कंपनी के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई है और न ही आरोपित अधिकारियों पर कोई कदम उठाया गया है.