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गुजरात: बैन किए जाने के बाद दुकानों से मिले 30 हजार पानी के पाउच

आरोग्य विभाग ने कई जगह पर छापेमारी कर लगभग 30 हजार प्रतिबंधित पानी के पाउच बरामद किए. इसके साथ ही राजकोट हेल्थ विभाग ने पानी के पाउच बनाने वाली यूनिटों को बंद भी करवाया गया जिससे इन पाउच का प्रोडक्शन बंद होगा.

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जब्त किए गए पानी के पाउच
जब्त किए गए पानी के पाउच

विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर प्लास्टिक से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए राजकोट म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के जरिए पीने के पानी के पाउच पर प्रतिबंध लगाया गया, लेकिन प्रतिबंध के एक दिन बाद ही बुधवार को राजकोट के ज्यादातर पानी की दुकानें, आइसक्रीम पार्लर आदि जगहों पर पानी के पाउच आसानी से उपलब्ध थे.

आरोग्य विभाग ने कई जगह पर छापेमारी कर लगभग 30 हजार प्रतिबंधित पानी के पाउच बरामद किए. इसके साथ ही राजकोट हेल्थ विभाग ने पानी के पाउच बनाने वाली यूनिटों को बंद भी करवाया गया जिससे इन पाउच का प्रोडक्शन बंद होगा.

दरअसल पानी के ये पाउच दो रुपये में आसानी से बाजार में मिल जाते हैं. ये पाउच सेहत के लिए तो नुकसानदायक हैं ही, इससे कहीं ज्यादा नुकसान ये पर्यावरण को पहुंचाते हैं. एक सर्वे के मुताबिक प्लास्टिक के इन पाउच को जमीन में पूरी तरह डिकंपोज होने में 100 साल से भी ज्यादा का वक्त लग जाता है. ऐसे में प्लास्टिक को पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा माना जा है.

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प्लास्टिक के इन पाउच पर सोमवार को ही राजकोट महानगर पालिका ने प्रतिबंध लगाते हुए नोटिफिकेशन जारी किया था, जिसके बाद आरोग्य विभाग ने छापेमारी में बड़ी संख्या में पीने के पानी के 30 हजार से ज्यादा पाउच बरामद किए हैं.

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