सूरत के हजीरा स्थित AMNS (आर्सेलर मित्तल निप्पन स्टील) कंपनी में L&T के कॉन्ट्रैक्ट बेस पर काम करने वाले कर्मचारियों द्वारा किए गए पथराव और आगजनी के मामले में पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा. भीड़ को तितर-बितर करने और हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस ने 10 राउंड हवाई फायरिंग की. इसके अलावा 6 हैंड ग्रेनेड (फ्लैश बैंग/स्टुन ग्रेनेड) और 36 टियर गैस के गोले छोड़े गए.
इस हिंसक झड़प में हजीरा पुलिस निरीक्षक परमार सहित तीन अन्य पुलिसकर्मी घायल हो गए. पुलिस ने अब तक 40 लोगों को गिरफ्तार किया है. करीब 4 हजार लोगों की भीड़ के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में स्थिति को नियंत्रण में लिया गया. हालांकि शुक्रवार को L&T कंपनी के बाहर श्रमिकों ने प्रदर्शन किया, लेकिन इस दिन कोई हिंसा नहीं हुई.
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सोशल मीडिया से भड़की भीड़, पुलिस पर हमला
सूरत पुलिस की डीसीपी (जोन 7) शेफाली बारवाल ने बताया कि पानीपत स्थित IOCL रिफाइनरी में L&T कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स के आंदोलन और हड़ताल से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे. ये वीडियो स्थानीय व्हाट्सएप ग्रुप्स में प्रसारित हुए, जिससे बड़ी संख्या में लोग AMNS परिसर के बाहर इकट्ठा हो गए.
मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने भीड़ को शांतिपूर्वक समझाने की कोशिश की, लेकिन पथराव शुरू हो गया. हालात बिगड़ने पर 12 बोर से 10 राउंड हवाई फायरिंग, 6 हैंड ग्रेनेड और 36 गैस शेल्स का इस्तेमाल किया गया. डीसीपी ने बताया कि पीआई पर उस समय हमला हुआ जब वे वाहन से उतर रहे थे. उनके हाथ से ग्रेनेड छीनकर वापस फेंकने की कोशिश भी की गई.
4000 के खिलाफ FIR, 40 गिरफ्तार
पुलिस ने BNS की धारा 109(1), 189(2) और अन्य धाराओं के साथ ‘प्रिवेंशन ऑफ डैमेज टू पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट, 1984’ के तहत मामला दर्ज किया है. अब तक 40 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. पुलिस कॉम्बिंग ऑपरेशन और पेट्रोलिंग जारी रखे हुए है.
सीसीटीवी फुटेज की जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई है. AMNS और L&T की टीमें भी संदिग्धों की पहचान में सहयोग कर रही हैं. स्थानीय लोग भी पुलिस को जानकारी दे रहे हैं.
स्थिति नियंत्रण में, कामकाज जारी
शनिवार सुबह L&T परिसर में करीब 1000 लोग एकत्र हुए थे, जिन्हें शांतिपूर्वक समझाकर हटाया गया. जॉइंट कमिश्नर सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे. मैनेजमेंट ने श्रमिकों के मुद्दों पर काम करने का आश्वासन दिया.
फिलहाल दोनों कंपनियों में काम सुचारू रूप से जारी है. मौके पर 10 पुलिस इंस्पेक्टर, 15 पुलिस सब-इंस्पेक्टर और 100 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं. साइबर टीमें सोशल मीडिया पर फैल रही फेक न्यूज पर नजर रखे हुए हैं और भड़काऊ संदेश फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.