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सूरतः हीरा कारोबारी की जिमनास्टिक बेटी बनेगी संत, लेगी जैन धर्म की दीक्षा

सूरत के किरीटभाई शाह के परिवार में पत्नी कश्मीरा शाह, एक बेटा और बेटी पूजा शाह हैं. पूजा अपने मां बाप की बड़ी ही लाडली हैं. मगर अब पूजा अपने मां-बाप सहित शाह परिवार से रिश्ता नाता तोड़कर जैन धर्म के परंपरा अनुसार फरवरी 2019 में अपने धर्म गुरुओं से दीक्षा लेंगी.

पूजा शाह (फोटो-गोपी घांघर) पूजा शाह (फोटो-गोपी घांघर)

सूरत के एक और हीरा कारोबारी की 22 वर्षीय बेटी संसार की मोह-माया और वैभव भरा जीवन त्याग कर जैन धर्म की दीक्षा लेगी. एम कॉम की शिक्षा हासिल करने वालीं सूरत की पूजा शाह नेशनल लेवल पर जिमनास्टिक खेल चुकी हैं. वह फरवरी में दीक्षा लेंगी.

सूरत के किरीटभाई शाह के परिवार में पत्नी कश्मीरा शाह, एक बेटा और बेटी पूजा शाह हैं. पूजा अपने मां बाप की बड़ी ही लाडली हैं. मगर अब पूजा अपने मां-बाप सहित शाह परिवार से रिश्ता नाता तोड़कर जैन धर्म के परंपरा अनुसार फरवरी 2019 में अपने धर्म गुरुओं से दीक्षा लेंगी.

पूजा शाह की दीक्षा के लिए 14 फरवरी का मुहुर्त भी गुरुभगवन्तो ने तय कर दिया है. पूजा ने बताया कि जब वह प्राइमरी स्कूल में थीं, तब नेशनल लेवल जिम्नास्टिक खेली हैं. मगर उसका असर पढ़ाई पर हो रहा था तो उन्होंने खेलना बंद कर दिया. धर्म गुरुओं की संगत के बाद अब उन्होंने दीक्षा लेने का निर्णय लिया है.

संसार के सुखों का त्याग करने का संकल्प लेने वाली पूजा ने एम कॉम किया है. उन्होंने बताया कि उनके धर्म गुरुओं ने संगत और सत्संग के दौरान ही उन्हें बताया था कि संयम ही सच्चा सुख है. आधुनिकता से भरा जीवन सच्चा सुख नहीं है. पूजा शाह भी बाकी युवाओं की तरह ही आज के युग में सोशल मीडिया का इस्तेमाल भी खूब करती थीं. मगर अब उन्हें ब्रह्म ज्ञान हो गया है.

बता दें कि पूजा शाह के पिता किरीट भाई शाह बेटी के फैसले से खुश हैं. क्योंकि उन्होंने ने ही बेटी को मनमर्जी का अपना रास्ता चुनने के लिए कहा था. साथ ही ये भी कहा था कि एक बार संयम का रास्ता भी संतों के साथ देख लें. बता दें कि पिछले कुछ महीनों में सूरत के कई धनाढ्य परिवारों के युवक-युवतियों ने दीक्षी लेकर संयम के रास्ते चलने का फैसला किया है.

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