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गुजरात के व्यापारियों ने की बही-खातों की पूजा, GST-नोटबंदी से राहत की मांगी प्रार्थना

दिवाली के दिन गुजरात में व्यापारियों ने बही-खातों की पूजा की. नोटबंदी और जीएसटी से राहत और आने वाले सालों के लिए अच्छे व्यापार की उम्मीद जताई है. बता दें कि नोटबंदी ओर जीएसटी से व्यापार पर काफी असर पड़ा है. इस साल लोग दिवाली में लक्ष्मी पूजा के साथ-साथ अपने पारंपारिक बही-खातों की भी पूजा कर रहे हैं.

बहीखाता बहीखाता

दिवाली के दिन गुजरात में व्यापारियों ने बही-खातों की पूजा की. नोटबंदी और जीएसटी से राहत और आने वाले सालों के लिए अच्छे व्यापार की उम्मीद जताई है. बता दें कि नोटबंदी ओर जीएसटी से व्यापार पर काफी असर पड़ा है. इस साल लोग दिवाली में लक्ष्मी पूजा के साथ-साथ अपने पारंपारिक बही-खातों की भी पूजा कर रहे हैं.

दरअसल गुजरात में ये पंरपरा रही है कि व्यापारी चाहे कितना भी बडा हो जाए, लेकिन वह अपने बही-खातों की पूजा करना नहीं छोड़ता है. यही वजह है कि बही-खातों की पूजा उनके व्यापार पर मां लक्ष्मी और सरस्वती की कृपा हमेशा रहती है.

नोटंबदी ओर जीएसटी के चलते माना जा रहा है कि व्यापारियों का धंधा मंदा पड़ा हुआ है. व्यापारी भी चाहते हैं कि इस साल दिवाली के बाद से शुरू होने वाला गुजरातियों को नया साल उनके व्यापार और रोजगार के लिए बेहतरीन साबित हो. बही-खातों कि जगह इन दिनों जहां लैपटॉप और कम्प्युटर ने ले ली है. यही वजह है कि बही-खातों के साथ साथ लैपटॉप ओर कम्प्युटर की भी पूजा करते हैं. व्यापारियों को ये भरोसा रहता है कि बही-खातों की पूजा उनके व्यापार में तरक्की दिलाएगा.

दिवाली के दिन बही-खातों की पूजा किसी भी तरीके से हो, कम्प्युटर, लैपटॉप हो या फिर वही परंपारिक तरीके वाले बही-खातों की किताबें, लेकिन पूजा की भावना आज भी नहीं बदली है.

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