कोरोना वायरस की वजह से देश में लॉकडाउन है और हर कोई अपने घरों में कैद है. लेकिन घर से दूर जो मजदूर रोजी-रोटी के लिए किसी अन्य राज्य में थे, वो वहां पर ही फंस गए. इस बीच अब गुजरात के सूरत में बड़ी संख्या में मजदूरों ने हंगामा किया है. मंगलवार को यहां मजदूरों ने आरोप लगाया कि लॉकडाउन के बावजूद उनसे काम करवाया जा रहा है और घर नहीं जाने दिया जा रहा है.
सूरत में डायमंड बुश दफ्तर के बाहर मजदूरों ने मंगलवार को प्रदर्शन किया और पत्थरबाजी भी की. जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को संभाला. मजदूरों की मांग है कि उन्हें तुरंत उनके गांव भेजा जाए.
कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें...
सूरत में बन रहे डायमंड बुश में आज सुबह मजदूरों ने हंगामा किया। मजदूरों ने आरोप लगाया कि लॉकडाउन में भी उनसे काम करवाया जा रहा है। वहां मौजूद हजारों मजदूरों ने गांव वापिस भेजने की मांग को लेकर ऑफिस पर भी पथराव किया। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर उन्हें समझाया। pic.twitter.com/D8qVoqDVP3
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 28, 2020
गौरतलब है कि ये पहली बार नहीं है जब किसी शहर में मजदूरों के द्वारा प्रदर्शन किया गया हो और घर वापस भेजने की मांग की गई हो.
कोरोना पर फुल कवरेज के लिए यहां क्लिक करें
इससे पहले सूरत में ही बड़ी संख्या में मजदूर सड़कों पर उतर आए थे और पुलिस के साथ उनकी झड़प हुई थी. वहीं, महाराष्ट्र के मुंबई में भी इस तरह का नजारा सामने आ चुका है जहां बड़ी संख्या में मजदूर बांद्रा रेलवे स्टेशन पर पहुंच गए थे.
24 मार्च को जब देश में लॉकडाउन लागू हुआ था, तब लाखों की संख्या में मजदूर काम करने वाली जगह पर फंस गए थे. तब बड़ी संख्या में मजदूरों को सड़कों पर देखा गया, दिल्ली-हरियाणा-यूपी बॉर्डर पर तो हजारों मजदूर पैदल ही चलने लगे. जिसके बाद सरकार ने बसों की व्यवस्था करवाई.
कई राज्य सरकारों की ओर से अपील की गई है कि केंद्र को मजदूरों की वापसी के लिए एक नीति बनानी चाहिए, ताकि सभी राज्य अपने-अपने मजदूरों को वापस बुला सकें. इसके बीच कई राज्यों ने अपने राज्यों के बच्चों या मजदूरों को दूसरे राज्य की पहल शुरू भी की है.