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गुजरातः सूरत में 3 साल के मासूम ने निगला पटाखा, बच्चे की मौत

तकरीबन दो दिन तक डॉक्टर मासूम को बचाने की जद्दोजहद में जुटे रहे लेकिन असफल रहे. तीन साल के मासूम का पूरा शरीर नीला पड़ गया.

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दो दिन तक जिंदगी की जंग लड़ने के बाद मासूम की मौत (प्रतीकात्मक तस्वीर)
दो दिन तक जिंदगी की जंग लड़ने के बाद मासूम की मौत (प्रतीकात्मक तस्वीर)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • दो दिन के इलाज के बावजूद नहीं बची जान
  • नीला पड़ा बच्चे का शरीर, हो रही थी उल्टी

दिवाली को लेकर हर तरफ उल्लास है. आतिशबाजी के इस त्योहार पर बच्चों को लेकर सजग रहने की सलाह सबको दी जाती है. पटाखे जलाते समय लापरवाही की वजह से जलने की घटनाएं सामने आती रही हैं. गुजरात के सूरत में पटाखे निगलने की वजह से तीन साल के एक मासूम बच्चे की मौत का मामला सामने आया है.

जानकारी के मुताबिक सूरत के डिंडोली इलाके में रहने वाले तीन साल के एक बच्चे को अचानक उल्टी होने लगी. बच्चे को जब डायरिया हुआ तो उसके पिता उसे डॉक्टर के पास ले गए. बच्चे की मां ने डॉक्टर को ये जानकारी दी कि बच्चा पटाखे निगल गया था. डॉक्टर ने उपचार भी शुरू कर दिया था लेकिन बच्चे को बचाया नहीं जा सका.

तकरीबन दो दिन तक डॉक्टर मासूम को बचाने की जद्दोजहद में जुटे रहे लेकिन असफल रहे. तीन साल के मासूम का पूरा शरीर नीला पड़ गया. दो दिन बाद उसकी मौत हो गई. डॉक्टर ने बच्चे का ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजा है. ब्लड सैंपल की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही बच्चे की मौत की असली वजह सामने आ पाएगी.

हालांकि, अनुमान यही लगाया जा रहा है कि पटाखों में विस्फोटक का इस्तेमाल होता है. विस्फोटक बच्चे के खून में मिल गया जिससे उसका शरीर भी नीला पड़ गया और उसकी मौत हो गई. मृत बच्चे के पिता राज शेखर बिहार के रहने वाले हैं. बताया जाता है कि राज शेखर रोजगार के लिए सूरत आए हैं.

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