कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर गुजरात की बिगड़ती स्थिति से केंद्र और राज्य सरकार दोनों चिंतित हैं. इसलिए हालात का जायजा लेने और डॉक्टरों की टीम को राय देने के वास्ते दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया और इंटर्नल मेडिसिन के विशेषज्ञ डॉ. मनीष सुर्जा शनिवार को अहमदाबाद पहुंचे.
एम्स निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया और डॉ मनीष सुर्जा अहमदाबाद के अशरवा स्थित कोविड हॉस्पिटल पहुंचे. इस दौरान उन्होंने डॉक्टरों से मुलाकात की और कोरोना मरीजों की स्थिति के बारे में जाना. एम्स की टीम ने कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों के इलाज में जुटे गुजरात के डॉक्टरों को जरूरी सलाह भी दी. गुजरात के हालात चिंताजनक इसलिए भी हैं क्योंकि भारत में कोरोना से दम तोड़ने वालों में 23 फीसदी गुजरात से हैं.
डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि COVID-19 के खिलाफ लड़ाई में समुदाय की भागीदारी बहुत महत्वपूर्ण है. डॉक्टरों, कर्मचारियों से बातचीत में उन्होंने कहाकि हमे सुविधाओं को बेहतर बनाना होगा. कोरोना से कलंग भी जुड़ा हुआ है और लोग अस्पतालों में टेस्ट करवाने के लिए आने से डर रहे हैं.
अहमदाबाद में एम्स निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया
अमित शाह के निर्देश पर पहुंचे अहमदाबाद
बहरहाल, गुजरात में 7 हजार से ज्यादा कोरोना के केस हैं. गुजरात में अहमदाबाद कोरोना का केंद्र बना हुआ है. 300 से ज्यादा लोग अब तक कोरोना के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं. जिले में 5200 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं. इसलिए गृहमंत्री अमित शाह ने एम्स (दिल्ली) के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया और डॉ मनीष सुर्जा को अहमदाबाद भेजा है. अमित शाह के निर्देशों के अनुसार दोनों डॉक्टरों को भारतीय वायुसेना के एक विशेष विमान से अहमदाबाद ले जाया गया है.
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गुजरात में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 390 नए केस सामने आने के बाद राज्य में संक्रमण के मामले बढ़कर शुक्रवार को 7,403 हो गए. प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) जयंती रवि ने बताया कि इस दौरान 24 लोगों की मौत से मृतकों की संख्या भी बढ़कर 449 हो गई. उन्होंने बताया कि 163 मरीजों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी भी दी गई. राज्य में अभी तक 1,872 संक्रमित लोग स्वस्थ हो चुके हैं. वहीं 5,082 लोगों का अभी इलाज जारी है.
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'कोरोना के केस जून में पीक पर होंगे'
एम्स निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने गुरुवार को ही कहा था कि भारत में कोरोना वायरस जून में अपने चरम पर होगा. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन का फायदा मिला है और लॉकडाउन में कोरोना के केस ज्यादा नहीं बढ़े.
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रणदीप गुलेरिया ने आजतक से खास बातचीत में कहा, 'जिस तरीके से ट्रेंड दिख रहा है, कोरोना के केस जून में पीक पर होंगे. हालांकि ऐसा बिल्कुल नहीं है कि बीमारी एक बार में ही खत्म हो जाएगी. हमें कोरोना के साथ जीना होगा. धीरे-धीरे कोरोना के मामलों में कमी आएगी.'