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Delhi में छोटे पड़े श्मशान घाट, शव जलाने के लिए अब पार्किंग का भी इस्तेमाल

Delhi में छोटे पड़े श्मशान घाट, शव जलाने के लिए अब पार्किंग का भी इस्तेमाल

कोरोना के संकट के चलते हर कहीं ऑक्सीजन के ल‍िए और बेड के लिए अस्पतालों के बाहर इंतज़ार ही नहीं देखा जा रहा, बल्क‍ि श्मशान घाटों में भी अंतिम संस्कार के लिए इंतज़ार करना पड रहा है. दिल्ली के श्मशान घाटों पर 6-6, 12-12 घंटे की वेटिंग लगी है. श्मशान घाट छोटे पड़ गए. आसपास की जमीन लेनी पड़ी है. जहां पांच-पांच अंतिम संस्कार होते थे, वहां दिन के 100 अंतिम संस्कार हो रहे हैं. दिल्ली के निगम बोध घाट पर पहले 36 शवों के अंत‍िम संस्का की कैपिसिटी थी पर जैसे-जैसे शवों की तादाद बढ़ने लगी तो पार्किंग को भी बदल दिया गया. बताया जाता है क‍ि इतनी बॉडी अस्पतालों से नहीं आ रही जितनी घरों से उठा रहे हैं- 60 परसेंट है- आपने आज कितनी घर से उठाएगी-30 घर से उठा चुके हैं. ज्यादा जानकारी के ल‍िए देख‍िए वीड‍ियो.

In the wake of increasing corona virus cases and the crematoriums running out of space in the state capital, Delhi parking lots have been turned into the crematorium now. Delhi recorded a number of deaths of the covid-19 patients which left the crematoriums with no space for the cremation. Thus, the parking is being used as the cremation ground where pyres are being burnt as bodies pile up across the city and designated crematoriums struggle to keep pace.

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