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दिल्ली: बाढ़ का खतरा गहराया, निचले इलाकों में यमुना के करीब न जाने का अलर्ट

पूर्वी दिल्ली के जिलाधिकारी ने हालात की समीक्षा और तैयारियों के संबंध में आपातकालीन बैठक की है. दिल्ली के रेस्क्यू बोट क्लब ने यमुना नदी के घाट पर बचाव कार्य और निगरानी के लिए बोटों की संख्या बढ़ा दी है.

यमुना तट (फोटोः रामकिंकर सिंह) यमुना तट (फोटोः रामकिंकर सिंह)

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली पर बाढ़ का खतरा गहरा गया है. यमुना नदी का जल स्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच चुका था कि हथिनी कुंड बैराज से 6 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने से स्थिति और विकट हो गई है.

सतर्क प्रशासन ने निचले इलाकों में यमुना नदी के करीब न जाने के लिए अलर्ट जारी किया है. वहीं पूर्वी दिल्ली के जिलाधिकारी ने हालात की समीक्षा और तैयारियों के संबंध में आपातकालीन बैठक की है. दिल्ली के रेस्क्यू बोट क्लब ने यमुना नदी के घाट पर बचाव कार्य और निगरानी के लिए बोटों की संख्या बढ़ा दी है.

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हथिनी कुंड बैराज से यमुना नदी में पानी छोड़े जाने का सिलसिला लगातार जारी है. हरियाणा ने रविवार को दोपहर एक बजे तक 6.57 लाख क्यूसेक पानी यमुना नदी में छोड़ा है. यमुना के वर्तमान जल स्तर को देखते हुए यह पानी बहुत ज्यादा बताया जा रहा है.

बता दें कि हथिनी कुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद यमुनानगर की सड़कें जल मग्न हो गई हैं. यमुनानगर की सड़कों पर लोगों के सीने तक पानी बह रहा है. हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई बाइक, कार, बस और ट्रक बहते देखे गए.

मकान से लेकर दुकान तक, हर तरफ पानी भरा हुआ है. पानी के कारण वाहनों के पहिए थम गए. यमुनानगर के हालात को देखते हुए भी दिल्ली प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है.

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