दिल्ली सरकार में डिप्टी सीएम और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया और दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष अजय माकन के बीच मंगलवार को ट्विटर वार देखने को मिला. शुरुआत सिसोदिया के प्राइवेट स्कूलों संबंध में किए गए ट्वीट से हुई. उस ट्वीट के जरिए सिसोदिया ने एक तीर से दो निशाना साधने की कोशिश की और कांग्रेस एवं बीजेपी दोनों पर सरकारी स्कूलों को बर्बाद करने का आरोप लगाया. इस ट्वीट पर अजय मकान ने पलटवार किया और सिसोदिया से सही आंकड़े पेश करने को कहा.
सिसोदिया ने किए था ये ट्वीट्स
शिक्षा मंत्री ने पहले ट्वीट में कहा था कि जिस कांग्रेस और ने प्राइवेट स्कूलों से सांठ गांठ करके सरकारी स्कूलों को बर्बाद किया वो आज आंकड़ों को तोड़-मरोड़कर दिल्ली सरकार को बदनाम करने की कोशिश में लगे हैं.
जिस कांग्रेस और बीजेपी ने प्राइवेट स्कूलों से सांठ गांठ करके सरकारी स्कूलों को बर्बाद किया वो आज वो आंकड़ों को तोड़मरोड़कर दिल्ली सरकार को बदनाम करने की कोशिश में लगे हैं। 1/N
— Manish Sisodia (@msisodia)
अपने दूसरे ट्वीट में सिसोदिया ने कहा कि मेरी चुनौती है कांग्रेस और बीजेपी के नेताओं को, जितना काम दिल्ली सरकार में शिक्षा को लेकर ढाई साल में हमने किया है, एक भी राज्य बता दें जहां कई कई बार सरकार में रहकर भी उन्होंने किया हो.
तीसरे ट्वीट में सिसोदिया बात आगे बढ़ाई कि कांग्रेस और बीजेपी के नेता एक भी राज्य बता दें जहां उन्होंने शिक्षा का बजट बढाया हो, शिक्षकों की अंतराष्ट्रीय ट्रेनिंग करवाई हो, सरकारी स्कूलों में दिल्ली जैसे आधुनिक कमरे बनवाए हों. चुनौती है, पूरे देश में एक राज्य बता दो. हम दिल्ली में करके दिखा रहे हैं.
मेरी चुनौती है कांग्रेस और बीजेपी के नेताओं को, जितना काम दिल्ली सरकार में शिक्षा को लेकर ढाई साल में हमने किया है, एक भी राज्य बता दें जहां कई कई बार सरकार में रहकर भी उन्होंने किया हो। 2/N
— Manish Sisodia (@msisodia)
इसके बाद आखिरी ट्वीट में सिसोदिया ने कहा कि बीजेपी और कांग्रेस के नेताओं का एक ही रिकार्ड रहा है- सरकारी स्कूलों को बर्बाद करके अपने प्राइवेट स्कूल खोलो और अभिभावकों को खुलकर लूटो. एक राज्य बताएं बीजेपी और कांग्रेस जहां प्राइवेट स्कूलों से फीस वापस करवाई हो आजतक.
आखिरी ट्वीट में सिसोदिया ने बीजेपी को खुलेआम चुनौती दी. उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी को शिक्षा की वास्तव में चिंता है तो आईए मुकाबला करते हैं. आप एमसीडी के स्कूलों को सुधारिए, हम दिल्ली सरकार के स्कूलों की हालत सुधार रहे हैं. देखते हैं कौन सरकारी स्कूलों को बेहतर करके दिखाता है? आईए मैदान में- इस चुनौती से दिल्ली की शिक्षा का भला हो जाएगा.
कांग्रेस ने किया पलटवार
मनीष सिसोदिया के ट्वीट पजवाब देते कांग्रेस की तरफ से माकन ने पूछा कि इधर उधर की बात करने की जगह, सिसोदिया यह बताएं कि 2014 के मुक़ाबले 2017 में ऐसा क्यों हुआ. इसके साथ कांग्रेस ने दो सवाल दागे. पहले सवाल में कांग्रेस ने पूछा कि सरकारी स्कूलों से पहली बार 1 लाख छात्र कम हुए और प्राइवेट स्कूलों में 1.42 लाख छात्र क्यों बढ़े?
इधर उधर की बात करने की जगह,यह बताएँ कि 2014 के मुक़ाबले 2017 में-
1)सरकारी स्कूलों से पहली बार,1 लाख छात्र कम हुए और प्राइवेट स्कूलों में 1.42 लाख छात्र क्यों बढ़े?
2)सरकारी स्कूलों से पहली बार 12th बोर्ड में 38,000 छात्र कम,और प्राइवेट स्कूलों में 15,000 ज़्यादा क्यों पास हुए?
— Ajay Maken (@ajaymaken)
दूसरे सवाल में कांग्रेस ने पूछा कि सरकारी स्कूलों से पहली बार 12वीं बोर्ड में 38,000 छात्र कम और प्राइवेट स्कूलों में 15,000 ज़्यादा क्यों पास हुए?
अब देखना है कि सिसोदिया कांग्रेस के इस पलटवार का क्या जवाब देते हैं.