दिल्ली की एक अदालत ने एक लड़की का अपहरण कर उससे गैंगरेप करने के आरोपी तीन युवकों को बरी कर दिया. बरी इस आधार पर किया गया कि पीड़ित और उसके अभिभावक गवाही के दौरान अपने बयान से मुकर गए.
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रेणु भटनागर ने उत्तर प्रदेश के निवासी मुश्तियाक और साकिर तथा दिल्ली निवासी साकिब को बरी करते हुए कहा कि तीनों के खिलाफ कोई प्रमाण नहीं हैं.
अभियोजन पक्ष ने तीन गवाहों (पीड़ित, उसके पिता और मां) से पूछताछ की और तीनों ही अपने पूर्व के बयानों से मुकर गए.
अदालत ने कहा कि पीड़ित ने इस बात से इनकार कर दिया कि तीनों ने उसके साथ बलात्कार किया था. अन्य दो गवाह भी अपने बयानों से मुकर गए. मुश्तियाक, साकिर और साकिब को लड़की के पिता की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया था.
शिकायत में कहा गया था कि पिछले साल 8 अक्तूबर की रात उनकी बेटी घर लौट रही थी. आरोपी साकिब ने बदरपुर टर्मिनल से उसका अपहरण किया और अपने दोस्तों के साथ उसे नोएडा ले गया. वहां सुनसान जगह पर उसके साथ गैंगरेप किया गया. गवाही के दौरान उसके पिता ने कह दिया कि उसे मामले के बारे में कोई जानकारी नहीं है.