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आम्रपाली घर खरीदारों के लिए राहत की खबर: सुप्रीम कोर्ट ने 15 मार्च तक फंड रिलीज करने को कहा!

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को आम्रपाली मामले में आदेश देते हुए कहा कि अगले हफ्ते यानी 15 मार्च तक प्रोजेक्ट के लिए फंड रिलीज किया जाए.

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SC ने कहा कि बैंक 15 मार्च तक प्रोजेक्ट की फंडिंग स्टार्ट करें. (फाइल) SC ने कहा कि बैंक 15 मार्च तक प्रोजेक्ट की फंडिंग स्टार्ट करें. (फाइल)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • फंड न होने के कारण प्रोजेक्ट का काम आगे न बढ़ने की परेशानी
  • सुप्रीम कोर्ट ने दिया 15 मार्च का समय

आम्रपाली मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बैंकों से कहा है कि वह 15 मार्च तक प्रोजेक्ट की फंडिंग स्टार्ट करें. इस दौरान बॉयर्स के वकील ने कहा कि तत्काल तौर पर 300 करोड़ रुपये जल्द से जल्द रिलीज किए जाएं ताकि प्रोजेक्ट का काम न रुके. कोर्ट रिसिवर ने कहा कि बैंक इसके लिए सैद्धांतिक तौर पर तैयार है, लेकिन अभी तक फंडिंग शुरू नहीं हुई है. इस कारण प्रोजेक्ट का काम आगे बढ़ाने में परेशानी हो रही है.

रिसीवर ने कोर्ट को जानकारी दी कि बैंकों के कंसोर्टियम के साथ कई दौर की बातचीत हो चुकी है. इस पर अदालत ने कहा कि एक हफ्ते में बैंकों का प्रोपोजल फाइनल किया जाए. उसके अगले हफ्ते यानी 15 मार्च तक फंड रिलीज हो जाने चाहिए.

बैंक कंसोर्टियम में बैक ऑफ बड़ौदा की अगुवाई में सात बैंक शामिल हैं. सुप्रीम कोर्ट ने बैंकों के कंसोर्टियम से कहा है कि वह एक हफ्ते में पेमेंट का फाइनल प्रपोजल तैयार करें. प्रोजेक्ट के लिए 15 मार्च तक फंडिंग स्टार्ट कर दी जाए.

सुनवाई के दौरान घर खरीदारों के वकील एमएल लाहौटी ने बताया कि आम्रपाली परियोजना के लिए बैंकों से फंडिंग अभी तक नहीं शुरू की गई है. बैंकों को जल्द से जल्द फंडिंग स्टार्ट करना चाहिए. 

लाहौटी ने कहा कि एनबीसीसी (NBCC) ने पहले ही 100 करोड़ से ज्यादा पैसे इसमें लगा दिए हैं, इसलिए तुरंत कंसोर्टियम ऑफ बैंक की ओर से 300 करोड़ रुपये रिलीज किया जाना चाहिए. 

आम्रपाली प्रोजेक्ट (Amrapali Project) का काम न रुके इसलिए तुरंत बैंकों को पैसा रिलीज करना चाहिए. बैंकों की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि बैंकों की ओर से 1500 करोड़ का क्रेडिट लाइन आम्रपाली प्रोजेक्ट को दिया जाना है.

लाहौटी ने दलील दी कि आम्रपाली प्रोजेक्ट को पूरा करने वाली एजेंसी एनबीसीसी के अन्य प्रोजेक्ट ग्रीनव्यू प्रोजेक्ट में निर्माण सामग्री बेहद घटिया रही है. गुड़गांव के इस प्रोजेक्ट के बारे में आईआईटी दिल्ली और सीवीसी ने कहा था कि कंस्ट्रक्शन क्वालिटी खराब है. वहां रहने वालों के लिए खतरनाक स्थिति है. इसके चलते 15 दिनों में प्रोजेक्ट को खाली करने का आदेश दिया गया था. इस कारण आम्रपाली प्रोजेक्ट का भी ऑडिट होना चाहिए, क्योंकि उसे लेकर बायर्स चिंतित हैं.

 

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