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दिल्ली के इस मंदिर को गिफ्ट में मिला हाथी, असम के वन्यजीव वार्डन की मंजूरी का इंतजार

साउथ दिल्ली के एक मंदिर को असम के रहने वाले एक व्यक्ति ने गिफ्ट में हाथी दिया है, जिससे मंदिर परिसर में लाने की तैयारियां चल रही हैं. इस मंदिर को जानवरों की देखभाल करने के लिए भी जाना जाता है. मंदिर के एक प्रतिनिधि ने कहा, जब वह दिल्ली पहुंचेगी तो 'रंजीता नाम की हथिनी को अन्य जानवरों के साथ सैनिक फार्म में रखा जाएगा.

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दिल्ली के मंदिर में लाया जाएगा हाथी. (सांकेतिक फोटो)
दिल्ली के मंदिर में लाया जाएगा हाथी. (सांकेतिक फोटो)

जानवरों की देखभाल के लिए जाने जाना वाला दक्षिणी दिल्ली में स्थित एक मंदिर को असम के रहने वाले एक व्यक्ति ने उपहार में हाथी दिया है, जिससे मंदिर परिसर में लाने की तैयारियां चल रही हैं. सैनिक फॉर्म इलाके में 1.5 एकड़ जमीन पर फैले इस शिविर में दो दर्जन से ज्यादा घोड़े, सैंकड़ों बिल्लियां और कुत्ते को रहने की सुविधा है.

मंदिर के कार्यवाहक पुजारी शिव कुमार गुरुजी ने बताया कि 40 वर्षीय मादा हाथी को असम के सिबा नाथ डोले डोले नाम के एक भक्त ने ग्रेटर कैलाश सेकंड में चार मंजिला आवासीय इमारत की ऊपरी मंजिल पर स्थित मां बगलामुखी मंदिर को एक एक हाथी उपहार दिया है. 

शिव कुमार ने पीटीआई को बताया, ये मंदिर जानवरों की देखभाल के लिए समर्पित है. जो हमारी धार्मिक और आध्यात्मिक परंपराओं में गहराई से जुड़ा हुए एक मिशन है. 

'मंदिर को है अंतिम मंजूरी का इंतजार'

मंदिर के एक प्रतिनिधि ने कहा, जब वह दिल्ली पहुंचेगी तो 'रंजीता नाम की हथिनी को अन्य जानवरों के साथ सैनिक फार्म में रखा जाएगा. मंदिर को अब हाथी को ले जाने के लिए अंतिम मंजूरी का इंतजार है, क्योंकि इसकी सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं.

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उन्होंने कहा, "हमने सभी आवश्यक अनुमतियां प्राप्त कर ली हैं और हाथी के दिल्ली पहुंचने के बाद उसे आश्रय देने की व्यवस्था की है. वन अधिकारियों द्वारा स्थल निरीक्षण भी किया गया है."

एक वरिष्ठ वन अधिकारी ने कहा, "हाथी कल्याण पर एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति द्वारा असम के मुख्य वन्यजीव वार्डन को ट्रांसफर करने का अनुरोध भेज दिया गया है." 2023 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित, समिति पूरे भारत में कैप्टिव हाथियों के पुनर्वास की देखरेख करती है.

इस साल अप्रैल में, डोले ने असम में वन विभाग से मंदिर को मादा हाथी उपहार में देने की अनुमति मांगी थी, यह उम्मीद करते हुए कि दिल्ली में उसकी अच्छी तरह से देखभाल की जाएगी.

शिविर में हैं 28 घोड़े

शिव कुमार ने कहा कि मंदिर के कर्मचारी पहले से ही सैनिक फार्म सुविधा में 300 बिल्लियों, 28 घोड़ों, 200 से अधिक कुत्तों और एक ऊंट की देखभाल कर रहे हैं.

उन्होंने यह भी कहा कि हमारा मंदिर लंबे समय से जानवरों, विशेष रूप से वृ धों की सेवा के लिए प्रतिबद्ध रहा है. हमने उनके लिए भोजन, स्वच्छता और पशु चिकित्सा देखभाल जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की हैं.

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