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दिल्ली में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल, केजरीवाल को सौंपी गई रिपोर्ट

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दी गई एक रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में 50 फीसदी से भी कम दवाएं उपलब्ध है. ऐसे में जब दिल्ली के सरकारी अस्पतालों का हाल बुरा हो चुका है. मरीजों को हर दूसरी दवा के लिए तरसना पड़ रहा है और दिल्ली सरकार का स्वास्थ्य सेक्टर जहां जबरदस्त काम का दावा कर रही है. उन्होंने चीफ सेक्रेटरी को दिल्ली सरकार के तमाम अस्पतालों में तत्काल प्रभाव से दवाएं मुहैया कराने के निर्देश जारी किए हैं. पढ़ें रिपोर्ट...

दिल्ली में स्वास्थ्य सेवाएं दिल्ली में स्वास्थ्य सेवाएं

वैसे तो देश के सुदूर इलाकों और शहर-कस्बों की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पहले से दयनीय है लेकिन दिल्ली के सरकारी अस्पतालों की स्थिति भी कुछ खास अच्छी नहीं है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दी गई एक रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में 50 फीसदी से भी कम दवाएं उपलब्ध है. ऐसे में जब दिल्ली के सरकारी अस्पतालों का हाल बुरा हो चुका है. मरीजों को हर दूसरी दवा के लिए तरसना पड़ रहा है और दिल्ली सरकार का स्वास्थ्य सेक्टर जहां जबरदस्त काम का दावा कर रही है. उन्होंने चीफ सेक्रेटरी को दिल्ली सरकार के तमाम अस्पतालों में तत्काल प्रभाव से दवाएं मुहैया कराने के निर्देश जारी किए हैं. पढ़ें कि रिपोर्ट क्या कहती है...
1. अस्पतालों में मुफ्त दवाओं की उपलब्धता का हाल बहुत बुरा है.

2. पटेल नगर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अस्पताल में महज 33 फीसदी दवाएं मिलती हैं.

3. जीटीबी अस्पताल में ये आंकड़ा सिर्फ एक फीसदी ज्यादा यानी 34 फीसदी है.

4. चौधरी ब्रह्म प्रकाश आयुर्वेद अस्पताल में 36 फीसदी दवाएं मिलती हैं.

5. रोहिणी के अंबेडकर अस्पताल में 44 फीसदी और डीडीयू में 46 फीसदी दवाएं मिलती हैं.

6. कई जगह एक्सरे और सीटी स्कैन मशीनें भी खराब हैं.

यहां हम आपको बताते चलें कि सीएम केजरीवाल इस रिपोर्ट को देखकर भड़क गए. उन्होंने चीफ सेक्रेटरी से कहा कि दवा की उपलब्धता तत्काल प्रभाव से बढ़ाई जाए और मशीनें ठीक कराई जाएं. इसके बाद वो औचक दौरे के माध्यम से बदली हकीकत का जायजा लेंगे. लेकिन इस सरकारी रिपोर्ट ने अस्पतालों की लचर हालत का खुलासा अभी तो कर ही दिया है.

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