राजधानी दिल्ली के साउथ एक्स पार्ट 2 में कुशक नाले की सफाई को लेकर पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने 25 जून तक का समय मांगा है. कोर्ट में पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने 25 जून तक नाले की सफाई करने का भरोसा जताय़ा है. दिल्ली में बरसात शुरू हो चुकी है, लेकिन मानसून की तैयारियों को लेकर अभी भी एजेंसिया गंभीर नही हैं.
ख़ास तौर से नालों की सफाई को लेकर अभी भी राजधानी में जगह-जगह नालों की सफाई का काम शुरू तक नही हुआ है. दिल्ली हाईकोर्ट इस बात से भी नाराज था कि केजरीवाल सरकार ने हाल ही मे पीडब्ल्यूडी को नालों की सफाई को लेकर जो कुछ लिखा उस पर तो पीडब्ल्यूडी ने जवाब दिया, लेकिन हाइकोर्ट के 5 सालों के दौरान दिए गए निर्देशों और आदेशों पर पीडब्ल्यूडी ने कोई अमल नही किया.
हाईकोर्ट ने साउथ दिल्ली के कुशक नाले को लेकर लगाई गई 5 साल पुरानी याचिका पर सुनवाई के दौरान पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को जमकर फ़टकार लगाई है. वहीं कोर्ट में पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने नाले की सफाई के लिए 25 जून तक डेडलाइन दी है कि वह कुशक नाले की सफाई को पूरी कर लें. वहीं कोर्ट में यचिकाकर्ता ने तस्वीर दिखाते हुए कहा कि अभी तक नाले कि सफाई शुरू भी नही हुई है.
हालांकि कोर्ट ने पीडब्ल्यूडी के कर्मचारियो को 28 जून तक नाले की सफाई से जुड़ी तस्वीर पेश करने के लिए कहा है. वहीं कोर्ट ने मानसून को देखते हुए नजफगढ और वारापुला की सफाई से जुडी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए भी कहा है.
दरअसल हाईकोर्ट पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों की उस स्टेटस रिपोर्ट से नाराज़ था, जिसमें उन्होंने कहा था कि आईएनए से यमुना नदी तक जा रहे नाले की सफाई उन्होंने पूरी कर ली है, जबकि याचिकाकर्ता ने कोर्ट को जो तस्वीरें दिखाई उनमें साफ था कि कुशक नाले की सफाई का काम नही हुआ है.
हाइकोर्ट ने विभाग से उन अधिकारियों के नाम मांगे है जिन्होंने कोर्ट के आदेशों का बार-बार कहने के बाद भी पालन नही किया है. दिल्ली हाईकोर्ट इस बात से नाराज़ था कि मानसून आने को है, लेकिन अभी तक नालों की सफाई का काम पूरा होना तो दूर शुरू तक नही हुआ है और अपनी उदासीनता को छिपाने के लिए अधिकारी कोर्ट को ग़लत हलफ़नामे देकर गुमराह कर रहे हैं.