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प्रदूषण पर सख्त दिल्ली सरकार, अपने ही सरकारी विभाग पर 20 लाख का ठोका जुर्माना

पिछले सप्ताह गोपाल राय ने भारतीय वाणिज्य और उद्योग महासंघ (FICCI) पर पर्यावरण के नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया था. इसके साथ ही उन्होंने आजतक से बात करते हुए उनपर जुर्माना लगाने की बात भी कही थी.

प्रदूषण पर दिल्ली सरकार की सख्ती (फोटो- पीटीआई) प्रदूषण पर दिल्ली सरकार की सख्ती (फोटो- पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • प्रदूषण पर दिल्ली सरकार सख्त
  • अपने ही विभाग पर ठोका जुर्माना
  • सरकार जारी कर चुकी है गाइडलाइन

दिल्ली में सर्दी के दिनों में प्रदूषण एक बड़ा मसला है. दिल्ली सरकार ने हाल के दिनों में इसपर नियंत्रण रखने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं. इतना ही नहीं प्रदेश सरकार प्रदूषण को लेकर भी काफी सख्ती दिखा रही है. नॉर्थ दिल्ली के बुराड़ी इलाके में नाले निर्माण के दौरान प्रदूषण फैलाने और पर्यावरण नियमों का पालन नहीं करने को लेकर पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने अपनी ही सरकार के पीडब्ल्यूडी विभाग पर 20 लाख रु का जुर्माना लगाया है. अभी एक दिन पहले ही पर्यावरण मंत्री ने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) को एमसीडी के खिलाफ 20 लाख रुपये जुर्माना लगाने और कानूनी तौर पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे. 

लैंडफिल साइट पर कूड़ा ले जाने वाले ट्रकों के कारण हर तरफ धूल का गुबार था. मंत्री गोपाल राय ने निगम के अधिकारियों से पानी के छिड़काव के बारे में पूछा तो निगम अधिकारी गोलमोल जवाब देते नजर आए. संतोषजनक जवाब न मिलने पर गोपाल राय भड़क गए और निगम के अधिकारियों को तलब कर कड़ी फटकार लगाई. पर्यावरण मंत्री ने अधिकारियों को धूल दबाने के लिए अधिक पानी का छिड़काव सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए और धूल प्रदूषण से निपटने के लिए कदम न उठाए जाने की वजह भी पूछी.

पिछले सप्ताह गोपाल राय ने भारतीय वाणिज्य और उद्योग महासंघ (FICCI) पर पर्यावरण के नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया था. इसके साथ ही उन्होंने आजतक से बात करते हुए उनपर जुर्माना लगाने की बात भी कही थी. उन्होंने कहा कि मंडी हाउस पर FICCI की डिमोलाशन साइट पर एंटी स्मोक गन न होने और मलबा खुले में पड़े होने के कारण नोटिस भी जारी किया जाएगा. पिछले साल फिक्की में डिमोलिशन का काम शुरू हुआ था. उस दौरान नियमों की अनदेखी पाई गई थी और 5 लाख का जुर्माना भी लगाया गया था.

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दिल्ली में प्रदूषण को लेकर दिल्ली सरकार एक्शन मोड में है. दिल्ली सरकार ने धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए गाइडलाइंस जारी की हैं. 

निर्माण या किसी तरह की तोड़फोड़ करते समय निर्माण स्थल की ऊंचाई से तीन गुना या अधिकतम 10 मीटर ऊपर तक टिन कवर के साथ ही ग्रीन नेट या तिरपाल लगाना अनिवार्य होगा.

निर्माण या तोड़फोड़ वाले स्थल पर पानी के छिड़काव की उचित व्यवस्था और धूल को दबाने के लिए पानी का लगातार छिड़काव करना जरूरी होगा. 

20 हजार वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल वाली जगह पर एंटी स्मॉग गन लगाना भी जरूरी होगा. निर्माण स्थल पर मलबा भी पूरी तरह से ढका होना चाहिए.

कोई भी गाड़ी, जो निर्माण स्थल या तोड़फोड़ वाले स्थल पर आवागमन कर रही है, वह गाड़ी और उसके टायर पानी से धुले होने चाहिए. गाड़ी पर रखी सामग्री ढकी होनी चाहिए.

दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार की सभी एजेंसियों के साथ ही सभी को निर्माण स्थल पर धूल प्रदूषण रोकने के लिए इनका पालन करना होगा. डीडीए, एमसीडी, सेंट्रल एजेंसी, पीडब्ल्यूडी, बाढ़ नियंत्रण विभाग या किसी भी सरकारी विभाग, व्यक्ति या निजी संस्था की ओर से निर्माण कार्य कराए जाने या तोड़फोड़ कराने के लिए दिशा-निर्देशों का पालन करना जरूरी है. सभी संबंधित विभागों को यह निर्देश दे दिए गए हैं कि वे यह सुनिश्चित करें कि प्रदूषण से संबंधित दिशा-निर्देशों का पालन हो.

 

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