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अब दिल्ली-एनसीआर में राहत की सांस लेने के लिए ऑक्सीजन चैम्बर

फिलहाल 13000 स्क्वायर फीट में फैले हरे पेड़ पौधों से लैस इस तरह का एक ऑक्सीजन चैंबर हुडा सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन पर तैयार है. जहां जा कर लोग इस चैम्बर की शुद्ध हवा को महसूस कर सकते हैं.

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ऑक्सीजन चैंबर
ऑक्सीजन चैंबर

दिल्ली में प्रदूषण की वजह से सांस लेना दूभर होता जा रहा है. इस ज़हरीली हवा के लिए हर जतन नाकाम हैं. एन्टी स्मॉग गन हो या कृत्रिम बारिश की मुहिम, किसी भी तरह का कोई भी जुगाड़ इस प्रदूषण को हटाने और लोगों को शुद्ध हवा देने में नाकाम है. ऐसे में हरियाली और पेड़ पौधे ही हैं जो इस हवा के ज़हर को काट सकते हैं. इसीलिए नरचरिंग ग्रीन नाम की एक कंपनी दिल्ली मेट्रो के साथ मिलकर एक ऐसा चैम्बर बना रही है, जहां लोग आराम से फ्रेश और प्योर हवा के बीच सांस ले सकेंगे.  

फिलहाल 13000 स्क्वायर फीट में फैले हरे पेड़ पौधों से लैस इस तरह का एक ऑक्सीजन चैंबर हुडा सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन पर तैयार है. जहां जा कर लोग इस चैम्बर की शुद्ध हवा को महसूस कर सकते हैं. इस प्रोजेक्ट के तहत 6 अलग-अलग मेट्रो स्टेशन पर इस तरह के ऑक्सीजन चैम्बर बनाने की योजना है. इसमें छतरपुर, रेस कोर्स और हौज़ खास जैसे मेट्रो स्टेशन शामिल हैं. नरचरिंग ग्रीन के फाउंडर अन्नू ग्रोवर ने बताया कि इस ऑक्सीजन चैम्बर में स्पेशल एयर प्यूरीफायर प्लांट्स भी लगाए गए हैं. इससे ये चैम्बर और भी ज्यादा ह्युमन फ्रेंडली है.

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अन्नू ग्रोवर ने बताया कि ऑक्सीजन चैम्बर में लगाए गए एरिका पाम, पीस लिली, संसिविरर जैसे स्पेशल एयर प्यूरीफायर प्लांट्स नासा के ज़रिए पहचाने गए हैं. इसके मुताबिक ये प्लांट्स दूसरे पेड़ पौधों के मुकाबले कम समय मे ज्यादा मात्रा में ऑक्सीजन देते हैं. ऑक्सीजन चैम्बर को नोएडा और बंगलुरू में भी बनाने की योजना है. साथ ही इस पूरी पहल को DMRC का भी पूरा साथ मिल रहा है. 

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