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सिर्फ एक क्लिक से नार्थ एमसीडी में खत्म होगी सैलरी की किचकिच

नॉर्थ एमसीडी ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के साथ कर्मचारियों के खातों में ऑनलाइन माध्यम से रियल टाइम सैलरी पेमेंट का कॉन्ट्रैक्ट किया है. इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत बैंक के मॉड्यूल के जरिए एमसीडी अपने कर्मचारियों को सिर्फ एक क्लिक से उनके खाते में तनख्वाह भेज देगी.

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नार्थ एमसीडी ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के साथ किया करार
नार्थ एमसीडी ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के साथ किया करार

कर्मचारियों की बार-बार की हड़ताल से परेशान नार्थ एमसीडी ने आखिरकार इससे छुटकारे का रास्ता तलाश लिया है. अब सिर्फ एक क्लिक से नार्थ एमसीडी के कर्मचारियों की सैलरी सीधे उनके खाते के बिना किसी देरी के पहुंच जाएगी.

दरअसल, नॉर्थ एमसीडी ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के साथ कर्मचारियों के खातों में ऑनलाइन माध्यम से रियल टाइम सैलरी पेमेंट का कॉन्ट्रैक्ट किया है. इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत बैंक के मॉड्यूल के जरिए एमसीडी अपने कर्मचारियों को सिर्फ एक क्लिक से उनके खाते में तनख्वाह भेज देगी.

इसका फायदा ये होगा कि अब कर्मचारियों को सैलरी एक ही दिन में बिना किसी देरी के मिल सकेगी. ये पूरी प्रक्रिया कंप्यूटर में सेव डेटा पर आधारित होगी. इसके साथ ही एमसीडी के पास इस बात का भी पूरा रिकॉर्ड होगा कि किस कर्मचारी को कितनी सैलरी दी जा चुकी है क्योंकि सभी आंकड़े निगम के सर्वर के भी दर्ज रहेंगे.

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खत्म होगी हड़ताल की किचकिच

नॉर्थ एमसीडी में निदेशक सूचना योगेंद्र सिंह मान के मुताबिक इससे निगम कर्मचारियों में वक्त पर सैलरी ना मिलने से होने वाली परेशानी दूर होगी क्योंकि यदि सैलरी मिलने में देरी होगी तो कर्मचारी उसकी सैलरी की 90% रकम बतौर ओवरड्राफ्ट निकाल सकेगा. इसके अलावा कर्मचारियों को और भी कई सुविधाएं मिल पाएगी मसलन 10 लाख तक के व्यक्तिगत लोन में प्रोसेसिंग शुल्क से छूट, रियायती ब्याज दरों पर एजुकेशन और होम लोन, 2 लाख तक का दुर्घटना बीमा कवर आदि.

नॉर्थ एमसीडी में निदेशक सूचना योगेंद्र सिंह मान के मुताबिक इस योजना की शुरुआत सबसे पहले मुख्यालय के कर्मचारियों से की जाएगी, इसके बाद धीरे-धीरे नॉर्थ एमसीडी के सभी जोनों को इससे जोड़ दिया जाएगा.

इसका लाभ नॉर्थ एमसीडी के करीब 57000 कर्मचारियों को होगा. आपको बता दें कि फिलहाल नॉर्थ एमसीडी हर महीने 220 करोड़ रुपये की सैलरी अपने कर्मचारियों को देती है. इसका फायदा निगम के स्थायी कर्मचारी, कॉन्ट्रैक्ट पर लगे कर्मचारी और दैनिक वेतन भोगियों को होगा.

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