दिल्ली सरकार में माप-तौल विभाग के मंत्री इमरान हुसैन बुधवार की सुबह वजीरपुर औद्योगिक इलाके में ऑटोरिक्शा मीटर के टेस्टिंग सेंटर पहुंचे. मंत्री इमरान हुसैन ने उस लैब का निरीक्षण किया जहां ऑटो रिक्शा के मीटर को केलिब्रेट किया जाता है.
इस लैब में ऑटो रिक्शा के मीटर टेस्ट के लिए ऑटो और टैक्सी चालकों की कतार देखने को मिली. देरी और गड़बड़ी की शिकायतें मिलने के बाद मंत्री इमरान हुसैन ने अधिकारियों के साथ काउंटर और टेस्ट सेंटर का जायजा लिया.
इस दौरान मंत्री ने दफ्तर में माप-तौल विभाग के काउंटर और दफ्तर के चारों तरफ फैली गंदगी को लेकर अधिकारियों को फटकार लगाई. दफ्तर में मौजूद लैब के आसपास दरअसल साफ सफाई होना बेहद जरूरी है लेकिन लैब से कुछ ही दूरी पर सीवर का गंदा पानी फैला नजर आया. इस मामले में मंत्री ने अधिकारियों को नोटिस भी जारी किया है.
इसके अलावा मीटर काउंटर पर लगाए गए कई नोटिस पुराने होने की वजह से ऑटो और टैक्सी चालकों को सही जानकारी नहीं मिलने की समस्या भी सामने आई. काउंटर पर साफ सफाई गायब रही, चारों तरफ धूल ही धूल नजर आई. मंत्री ने मौके पर मौजूद दफ्तर के अधिकारियों को नए बोर्ड, होर्डिंग और नोटिस लगाने के निर्देश भी दिए.
'आजतक' की टीम ने मंत्री का गंदगी से समाना कराया तो तुरंत मंत्री इमरान हुसैन ने अधिकारियों को कैमरे के सामने फटकार भी लगाई. इस दौरान मंत्री इमरान हुसैन ने ऑटो और टैक्सी चालकों से मुलाकात कर समस्याएं भी पूछी. 'दिल्ली-आजतक' की टीम ने मंत्री इमरान हुसैन के साथ उस लैब टेस्ट का निरीक्षण किया जहां ऑटो और टैक्सी के मीटर टेस्ट किए जाते हैं. यहां ऑटो और टैक्सी मीटर का टेस्ट कर, सरकार के तय किराए को मीटर में अपलोड किया जाता है. तकनीकी जानकारों की मौजूदगी में पल्स जनरेटर की मदद से मीटर की जांच होती है.
ऑटो फेयर मीटर का कैलिब्रेशन इसलिए जरूरी है ताकि ऑटोरिक्शा में की गई यात्रा के अनुसार ऑटो चालक निर्धारित किराया वसूल करें और यात्रियों से ओवर चार्ज ना किया जा सके.
विभाग की जानकारी के अनुसार प्रतिदिन एक हजार ऑटो फेयर मीटरों के दोबारा कैलिब्रेशन का काम निर्धारित रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर किया जाता है. इसके अलावा अगर कोई ऑटो रिक्शा चालक निर्धारित तारीख पर कैलिब्रेशन करवाने में असमर्थ है तो वह निर्धारित तारीख के बाद किसी भी दिन टैक्सी मीटर यूनिट में जा सकता है. फिलहाल रोजाना 400-500 आवेदक चालक ऑटो फेयर मीटर के कैलिब्रेशन के लिए टैक्सी मीटर यूनिट में आ रहे हैं.
फेयर मीटर के साथ आवेदन पाने का समय सुबह 9:30 बजे से दोपहर12:30 बजे तक है. इसके बाद कैलिब्रेशन किए गए फेयर मीटर अगले दिन दोपहर 2:00 बजे के बाद वापस किए जाते हैं. दोबारा कैलिब्रेशन के लिए निर्धारित फीस 100 रुपये प्रति ऑटो फेयर मीटर है. लैब में एक समय में 10 से 15 मीटरों के बीच में ऑटो मीटर कैलिब्रेट किए जाते हैं और ऑटोमीटर के दोबारा कैलिब्रेशन में लगभग 10 से 15 मिनट का समय लगता है.
मंत्री इमरान हुसैन ने विभाग को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि ऑटो फेयर मीटर सही तरीके से दोबारा कैलिब्रेट किए जाएं और किसी भी स्थिति में कोई टूटा मीटर कैलिब्रेट न करने दिया जाए. यदि क्षतिग्रस्त कैलिब्रेटेड मीटर की कोई घटना संज्ञान में आती है तो दोषी अधिकारी/कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.