कार्यवाहक मुख्य सचिव शकुंतला गैमलिन की नियुक्ति लेकर दिल्ली सरकार और उपराज्यवाल में विवाद की आंच अब राष्ट्रपति भवन तक पहुंच चुकी है, वहीं केजरीवाल सरकार के साथ काम कर रहे कम से कम दर्जन भर अधिकारियों ने शहर से बाहर तैनाती के लिए गृह मंत्रालय का रूख किया है.
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, आईएएस और डानिक्स (दिल्ली, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह) कैडर के ये अधिकारी के अधिकार क्षेत्र के तहत किसी अन्य स्थान पर या केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाना चाहते हैं. समझा जा रहा है कि अधिकारी 'आप' सरकार की शैली के साथ तालमेल बनाने में सक्षम नहीं हो रहे हैं और इसलिए शहर के प्रशासन को छोड़ना चाहते हैं.
बताया जाता है कि करीब दर्जन भर अधिकारियों ने तबादले को लेकर गृह मंत्रालय में अधिकारियों से संपर्क किया है. मंत्रालय ही केंद्र शासित क्षेत्र कैडर के आईएएस और डानिक्स अधिकारियों को नियंत्रित करता है. हालांकि इस ओर किसी भी आधिकारी से कोई औपचारिक सूचना नहीं मिली है. कार्यवाहक मुख्य सचिव के रूप में की नियुक्ति पर उपराज्यपाल नजीब जंग और अरविंद केजरीवाल सरकार के बीच तकरार का दिल्ली सरकार की नौकरशाही पर नकारात्मक असर पड़ा है.
गौरतलब है कि गैमलिन को कार्यवाहक किए जाने के आदेश पर केजरीवाल ने आरोप लगाया है कि उपराज्यपाल प्रशासन पर नियंत्रण करने की कोशिश कर रहे हैं. जंग और मुख्यमंत्री केजरीवाल दोनों ने ही मंगलवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से अलग-अलग मुलाकात भी की है.
-इनपुट भाषा से