दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने राजधानी में संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने कौशल चौधरी गैंग के मास्टरमाइंड और मुख्य शूटर कुलदीप सिंह को गिरफ्तार किया है. आरोपी बुराड़ी के एक कारोबारी की हत्या की साजिश रच रहा था.
क्राइम ब्रांच की टीम ने आरोपी को द्वारका सेक्टर-17 स्थित निर्माणाधीन मार्केट के पास नर्सरी रोड से दबोचा. पुलिस ने बताया कि कुलदीप सिंह स्कूटी पर सवार होकर किसी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में था. निगरानी के दौरान उसे रोका गया तो उसने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया.
गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से एक ऑटोमैटिक पिस्टल, एक लोडेड पिस्टल और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए गए. इस संबंध में थाना क्राइम ब्रांच में मामला दर्ज किया गया है. जिस स्कूटी पर वह सवार था, वह उत्तर प्रदेश के मुरादनगर थाने में दर्ज एक चोरी के मामले से जुड़ी पाई गई.
जांच में सामने आया है कि विदेश में बैठे गैंगस्टर पवन शोकीन और गुरदीप उर्फ ‘पा जी’ ने अपने नेटवर्क को सक्रिय कर दिल्ली में हत्या की साजिश रची थी. पुलिस के अनुसार, बुराड़ी के कारोबारी की हत्या कर राजधानी में दहशत फैलाने और संगठित उगाही तंत्र को स्थापित करने की योजना बनाई गई थी. इस पूरी साजिश को अंजाम देने की जिम्मेदारी कुलदीप सिंह को सौंपी गई थी.
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क्राइम ब्रांच के डीसीपी आईपीएस हर्ष इंदोरा के नेतृत्व में एसीपी भगवती प्रसाद की निगरानी और इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार की अगुवाई में विशेष टीम गठित की गई थी. हाल के दिनों में दिल्ली में रंगदारी, अवैध हथियारों और फायरिंग की घटनाओं में बढ़ोतरी को देखते हुए यह अभियान चलाया जा रहा था.
पुलिस के मुताबिक, कुलदीप सिंह का आपराधिक इतिहास भी लंबा है. वर्ष 2024 में पंजाब के होशियारपुर में 5 करोड़ रुपये की रंगदारी के लिए फायरिंग की घटना में उसका नाम सामने आया था. इसके अलावा भलस्वा डेयरी क्षेत्र में फायरिंग और धमकी देने के मामलों में भी वह शामिल रहा है. दिल्ली और पंजाब में उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट और रंगदारी के कई केस दर्ज हैं.
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि साल 2019 में संपत्ति विवाद में उसके पिता की हत्या हो गई थी. इसके बाद उसने बीए द्वितीय वर्ष की पढ़ाई छोड़ दी और गलत संगत में पड़ गया. गैंग के सदस्य प्रदीप उर्फ बंटू के जरिए उसकी मुलाकात पवन शोकीन से हुई और वह धीरे-धीरे आपराधिक नेटवर्क का हिस्सा बन गया.
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कुलदीप ने कबूल किया कि वह एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए विदेश में बैठे गैंगस्टरों के संपर्क में था. बरामद हथियार गुरमीत उर्फ ‘पा जी’ (पुर्तगाल) और पवन शोकीन के निर्देश पर उनके सहयोगियों के माध्यम से उपलब्ध कराए गए थे. हथियार हरियाणा के अंबाला से लिए गए थे और कुछ की सप्लाई प्रयागराज तक की गई थी.
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बुराड़ी के कारोबारी की रेकी कर ली थी और उत्तर प्रदेश व पंजाब के गैंग सदस्यों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी. फिलहाल क्राइम ब्रांच की टीम इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है. अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है.