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जेएनयू छात्र को बिना प्रोटेस्ट मिला वॉर्निंग लेटर

लेटर में कहा गया है कि 9 मार्च को हाई कोर्ट के फैसले के बावजूद ओमप्रसाद ने एडमिन ब्लॉक पर प्रोटेस्ट किया. चीफ प्रॉक्टर की ओर से भेजे गए इस लेटर में कहा गया है कि यह वॉयलेशन है मगर स्टूडेंट का करियर देखते हुए उन्हें सिर्फ चेतावनी दी जा रही है.

जेएनयू छात्र को बिना प्रोटेस्ट मिला वॉर्निंग लेटर जेएनयू छात्र को बिना प्रोटेस्ट मिला वॉर्निंग लेटर

जेएनयू में ऐक्टिविस्ट छात्रों को नोटिस मिलना आम बात हो गई है. लेकिन इस बार जेएनयू का प्रॉक्टर ऑफिस एक ऐसे छात्र को वॉर्निंग लेटर देकर सवालों के घेरे में आ गया जो छात्र प्रोटेस्ट के दिन कैम्पस में क्या, शहर में ही मौजूद नहीं था. दरअसल जेएनयू के स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के पीएचडी स्टूडेंट ओम प्रसाद को बुधवार शाम एक वॉर्निंग लेटर भेजा गया है, जिसके मुताबिक़ ओमप्रसाद 16 मार्च को ऐडमिन ब्लॉक पर हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल थे.

लेटर में कहा गया है कि 9 मार्च को हाई कोर्ट के फैसले के बावजूद ओमप्रसाद ने एडमिन ब्लॉक पर प्रोटेस्ट किया. चीफ प्रॉक्टर की ओर से भेजे गए इस लेटर में कहा गया है कि यह वॉयलेशन है मगर स्टूडेंट का करियर देखते हुए उन्हें सिर्फ चेतावनी दी जा रही है.

प्रॉक्टर ऑफ़िस से मिले इस वॉर्निंग लेटर से ओम प्रसाद काफी नाराज हैं. ओमप्रसाद का कहना है कि वो प्रोटेस्ट वाले दिन दिल्ली में ही नहीं थे. ओम ने इस सिलसिले में अपना एयर टिकट भी सामने रखा है. ओमप्रसाद का कहना है कि घटना वाले दिन वो दिल्ली से बाहर थे. उन्होंने शाम 6 बजे हैदराबाद के लिए फ्लाइट पकड़ी थी.

ओम के मुताबिक़ मुत्थु नाम के स्टूडेंट की आत्महत्या के बाद 16 मार्च को ये प्रोटेस्ट हुआ था मगर मैं इसमें शामिल नहीं था. मुझे अप्रैल-मई में भी इसके लिए नोटिस दिया गया, जिसमें मैंने प्रशासन के सामने अपनी बात रखी थी. मगर प्रशासन का कहना था कि वीडियो फुटेज में मैं देखा गया हूं. इस पर मैंने वीडियो दिखाने की भी बात की थी. मगर तब प्रशासन ने ना तो कोई सीसीटीवी फुटेज दिखाया और ना ही उसके बाद कोई सवाल किया. इतने महीने बाद मुझे फिर वॉर्निंग लेटर दिया गया है इससे साफ है कि प्रशासन जानबुझ कर छात्रों को निशाना बना रहा है.

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