
संस्कृति मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि यहां राष्ट्रीय संग्रहालय में संरक्षित भगवान बुद्ध के कुछ पवित्र अवशेष 22 फरवरी से 18 मार्च तक थाईलैंड में प्रदर्शित किए जाएंगे.
संस्कृति मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि यहां के एक राष्ट्रीय संग्रहालय में संरक्षित रख भगवान बुद्ध के कुछ पवित्र अवशेषों को 22 फरवरी को थाईलैंड ले जाया जाएगा, जहां उन्हें 18 मार्च तक प्रदर्शित किया जाएंगे. भगवान बुद्ध के साथ-साथ उनके शिष्य अराहाटा सारिपुत्र और अराहाटा मौदगलायन के अवशेषों को भी थाईलैंड ले जाया जाएगा. ये पहला मौका होगा जब बुद्ध के साथ उनके शिष्यों के पवित्र अवशेषों को भी श्रद्धालुओं के लिए एक साथ प्रदर्शित किया जाएगा.
26 दिन अवशेषों के दर्शन कर सकेंगे लोग
इस बारे में मीडिया को जानकारी देते हुए संस्कृति मंत्रालय के सचिव गोविंद मोहन ने कहा कि 22 फरवरी को एक राष्ट्रीय संग्रहालय में संरक्षित रख भगवान बुद्ध और उनके दो शिष्यों के कुछ पवित्र अवशेषों को 22 फरवरी को थाईलैंड ले जाया जाएगा, जहां उन्हें 19 मार्च तक प्रदर्शित किया जाएगा.

इस 26 दिवसीय प्रदर्शनी के लिए बिहार के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ वीरेंद्र कुमार ने नेतृत्व में 22 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भारत से पवित्र अवशेषों के साथ थाईलैंड जाएंगे. प्रतिनिधिमंडल में कुशीनगर, औरंगाबाद, लद्दाख के कुछ भिक्षु, संस्कृति मंत्रालय के अधिकारी, मध्य प्रदेश सरकार, राष्ट्रीय संग्रहालय के क्यूरेटर, कलाकार और विद्वान शामिल हैं.
एयरफोर्स के विमान से बैंकॉक जाएंगे अवशेष
गोविंद मोहन ने आगे कहा कि ये प्रदर्शनी भारत-थाईलैंड के संबंधों ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगी. इससे दोनों देशों की बीच सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को बढ़ावा भी मिलेगा. राष्ट्रीय संग्रहालय में रख बुद्ध के पवित्र 20 अवशेषों में से चार को थाईलैंड में प्रदर्शित किया जाएगा. इन अवशेषों को भारतीय वायुसेना के विमान से थाईलैंड ले जाया जाएगा. जिनका बैंकॉक में भव्य स्वागत होगा और फिर सभी पवित्र अवशेषों को एक संग्रहालय में सुरक्षित रखा जाएगा. इसके बाद 23 फरवरी को बैंकॉक के सनम लुआंग मंडप में तैयार एक भव्य मंडप में स्थापित किया जाएगा.