दिल्ली सरकार के स्कूलों में बच्चों को एडमिशन नहीं दिए जाने पर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है. याचिका में दावा किया गया है कि दिल्ली के अलग-अलग इलाकों के दिल्ली के सरकारी स्कूलों ने 181 बच्चों को दाखिला देने से इनकार कर दिया है. याचिका में कहा गया है कि सरकारी स्कूलों का ये रवैया पूरी तरह से शिक्षा के अधिकार और नियमों का उल्लंघन है.
चीफ जस्टिस गीता मित्तल व जस्टिस सी.हरिशंकर की बेंच ने मामले में दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. दिल्ली सरकार से इस मामले में हाइकोर्ट ने अगली सुनवाई 9 जुलाई से पहले इस मामले में अपना जवाब दायर करने का निर्देश दिया है. ये याचिका सोशल ज्यूरिस्ट एनजीओ की तरफ से दायर की गई है.
याचिकाकर्ता और वकील अशोक अग्रवाल ने अपनी याचिका में पांच छात्रों का उदहारण देते हुए कोर्ट को कहा है कि किसी बच्चे को ओपन स्कूल से पढ़ने के बाद ओवरऐज होने का बहाना बनाकर और किसी को केंद्रीय विद्यालय में फेल होने के बाद दिल्ली सरकार के स्कूलों ने एडमिशन देने से मना कर दिया है. जो दिल्ली सरकार का मनमाना और गैर कानूनी रवैया है.
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने कहा कि ये बच्चों के शिक्षा के अधिकार का भी सीधा उल्लंघन है. एडमिशन न मिलने से बच्चों का एक साल खराब होने का खतरा बना हुआ है. कोई और प्राइवेट स्कूल भी इन्हें दाखिला नहीं देगा. ऐसे में कोर्ट से गुजारिश की गई है कि दिल्ली सरकार को इन बच्चों को एडमिशन करने का आदेश जारी करे.