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पूर्व CM ओम प्रकाश चौटाला की रिहाई अर्जी पर फैसला सुरक्षित

शिक्षक भर्ती घोटाले में ओम प्रकाश चौटाला को 10 साल की सजा हुई थी और वे पिछले 5 साल से जेल में सजा काट रहे हैं. दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को रिहाई अर्जी पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया.

पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला की फाइल फोटो (PTI) पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला की फाइल फोटो (PTI)

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला की रिहाई अर्जी पर मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया. शिक्षक भर्ती घोटाले में ओम प्रकाश चौटाला को 10 साल की सजा हुई थी और वे पिछले 5 साल से जेल में सजा काट रहे हैं. केंद्र सरकार ने 2018 में एक नया नियम लागू किया था, जिसमें 60 साल से अधिक उम्र के पुरुष कैदी, जो अपनी आधी सजा काट चुके हैं, उन्हें विशेष क्षमा योजना के तहत रिहा किया जाएगा. इसके बाद ओम प्रकाश चौटाला ने रिहाई अर्जी दायर की है.

जेबीटी भर्ती घोटाले में 10 साल की सजा काट रहे हरियाणा के पूर्व सीएम ओम प्रकाश चौटाला की सुनवाई मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट में पूरी हो गई है. कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. चौटाला ने अर्जी में दलील दी है कि वे 87 साल के हो गए हैं और 5 साल से ज्यादा सजा भी काट चुके हैं.

क्या है शिक्षक भर्ती घोटाला?

फरवरी, 2013 में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला और उनके विधायक बेटे अजय चौटाला को तीन अन्य सरकारी अधिकारियों के साथ जाली दस्तावेजों का उपयोग करके राज्य में तीन हजार से अधिक शिक्षकों की अवैध रूप से भर्ती करने के आरोप में सीबीआई की विशेष अदालत ने 10 साल की सजा सुनाई थी.

इसी मामले में अजय चौटाला भी सजा काट रहे हैं जिन्हें तिहाड़ जेल से दो हफ्ते की छुट्टी दी गई थी. अजय चौटाला फरलो के तहत जेल से रिहा किए गए थे. अजय चौटाला को उनके बेटे दुष्यंत चौटाला के शपथ समारोह में हिस्सा लेने के लिए रिहाई दी गई थी. दुष्यंत चौटाला हरियाणा के उप-मुख्यमंत्री हैं.

दुष्यंत चौटाला की अगुआई वाली जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) ने विधानसभा चुनाव में जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के साथ हरियाणा में नई सरकार के गठन को लेकर गठबंधन किया है. 90 सीटों वाली विधानसभा में दुष्यंत की पार्टी जेजेपी के 10 विधायक हैं.(एजेंसी से इनपुट)

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