वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी लागू होने के बाद पहले वर्किंग डे पर दिल्ली के बाजारों में खासा असर देखने को मिला. सोमवार को दिल्ली के होलसेल बाजारों में सन्नाटा नजर आया.
जीएसटी का असर जानने के लिए आजतक की टीम ने पुरानी दिल्ली के होलसेल बाजारों का जायजा लिया. यहां मार्केट में सन्नाटा नजर आया. दुकानदार खाली बैठे दिखाई दिए. दरअसल इन बाजारों में ज्यादा खरीददार रिटेलर आते हैं, लेकिन रिटेलरो के पास पहले से ही माल पड़ा होने के चलते वो माल खरीदने नहीं आ रहे हैं. दूसरी तरफ ज्यादातर व्यापारी नई व्यवस्था के चलते पेपर वर्क में उलझे हुए हैं.
किचन के होलसेल सामान की डील करने वाले दुकानदार रोशन आनंद का कहना है कि अभी कंपनी से नए रेट आने का इंतजार है. उम्मीद है नए दाम सस्ते होंगे, ग्राहक भी इसी का इंतजार कर रहा है. रोशन बताते हैं कि आने वाले दिनों में नए सामान के दाम रहेंगे. बाजारों में सन्नाटे के कई कारण हैं.
-अभी दुकानों में कंप्यूटर नहीं आया है.
-नई जीएसटी बिल बुक नहीं छपी है.
-दुकानों के बाहर जीएसटी नंबर नहीं लगा है.
-दुकानदार स्टॉक क्लीयर करने में व्यस्त हैं.
हालांकि बाजार में सुस्ती का असर सिर्फ दुकानदारों पर ही नहीं बल्कि यहां काम करने वाले मजदूरों पर भी पड़ रहा है. ज्यादातर मजदूर सड़कों पर खाली बैठने को मजबूर हैं. एक दिहाड़ी मजदूर ने बताया कि मार्केट में काम ही नहीं है. पूरे दिन में 20 रूपए कमाए हैं. उसने बताया कि नोटबंदी जैसे हालात हो गए हैं.
वहीं मार्केट एसोसिएशन के लोगों का कहना है बाजार में सुस्ती का कारण पूरी तैयारी न होना है. बहरहाल जीएसटी लागू होने के बाद पहले वर्किंग डे पर दिल्ली के होलसेल बाजारों में सन्नाटा पसरा नजर आया.