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बोल पड़ी 'गुड़िया', गुस्से में उबल पड़ा देश

एम्स में भर्ती गुड़िया का दूसरा मेडिकल बुलेटिन जारी हो चुका है है. खुशी की बात है कि गुड़िया की हालत स्थिर है और उसकी तबियत में सुधार हो रहा है. एम्स के डॉक्टरों की मानें तो उसे एंटीबायोटिक्स दिया जा रहा है और उसकी सर्जिकल ड्रेसिंग भी की गई है. गुड़िया होश में है और उसके स्वास्थ्य के सभी मानक सामान्य है.

एम्स में भर्ती गुड़िया का दूसरा मेडिकल बुलेटिन जारी हो चुका है है. खुशी की बात है कि गुड़िया की हालत स्थिर है और उसकी तबियत में सुधार हो रहा है. एम्स के डॉक्टरों की मानें तो उसे एंटीबायोटिक्स दिया जा रहा है और उसकी सर्जिकल ड्रेसिंग भी की गई है.
गुड़िया होश में है और उसके स्वास्थ्य के सभी मानक सामान्य है.डॉक्टर कह रहे हैं गुड़िया की जान को खतरा नहीं, वो खतरे से बाहर है, पुलिस के आला अधिकारी कह रहे हैं गुड़िया के गुनहगार को गिरफ्तार कर लिया गया है, उसे सजा के अंजाम तक जल्द पहुंचाया जाएगा. लेकिन ऐसी बयानबाजियों पर क्यों नहीं हो रहा है लोगों को भरोसा. क्यों नहीं थम रहा लोगों का आक्रोश. ये सरकार और पुलिस के हुक्मरानो को समझना होगा.

दिल्‍ली में दरिंदगी का शिकार बनी 'गुड़िया' की हालत स्थिर बनी हुई है. डॉक्‍टरों के मुताबिक 'गुड़िया' होश में है.

AIIMS में इलाज करा रही 'गुड़िया' का शनिवार दोपहर मेडिकल बुलेटिन जारी किया गया. डॉक्‍टर डीके शर्मा ने मीडिया को जानकारी दी कि 8 डॉक्‍टरों की टीम पीडि़त का इलाज कर रही है. इलाज करने वाली टीम में कई विभाग के एक्‍सपर्ट डॉक्‍टर शामिल हैं.

फोटो: 'गुड़िया' से दरिंदगी पर फूटा लोगों का गुस्‍सा

जो 'गुड़िया' गुड़ियों से खेलने की उम्र में ही दरिदों की दरिंदगी का शिकार हो गई, जिसकी जिंदगी के लिए देशभर में लोग दुआ कर रहे हैं. 'गुड़िया' फिलहाल एम्स में जिंदगी की जंग लड़ रही है.

5 साल की उम्र में मासूम को दरिंदगी के वो जख्म मिले हैं, जिन्हें सुनकर बड़े-बड़ों की रूह कांप जाए. फिर भी वह मौत को मात देने की कोशिश कर रही है. डॉक्‍टर उस मासूम को बचाने की हरसंभव कोशिश कर रहे हैं.

दरअसल, दरिंदों ने मासूम के नन्हे से जिस्म के लगभग हर हिस्से पर दरिंदगी की दास्तान को कायरता की कलम से लिखा है. डॉक्टरों के मुताबिक, मासूम के पूरे जिस्म पर ही जख्मों के निशान थे. चेहरे से लेकर शरीर के अंदरूनी हिस्सों को इस कदर लूटा-खसोटा गया था कि सुनकर कलेजा कांप जाए.

बच्ची के पेट से प्लास्टिक की शीशी और मोमबत्ती का मिलना भी इंसानियत को शर्मसार करता है. बच्ची को लेकर पुलिस पहले दयानंद अस्पताल लेकर गई थी, लेकिन नाजुक हालत को देखते हुए मासूम को एम्स भेजा गया. डॉक्टरों की मानें, तो बच्ची को ठीक होने में अभी काफी वक्त लगेगा.

5 साल की 'गुड़िया' अस्पताल में ख़ामोश है, लेकिन उसके सैकड़ों चेहरे उभर आए हैं. उसकी हज़ारों ज़ुबान निकल आई हैं. हर कोई गुस्से से उबल रहा है, जैसे कह रहा हो कि दिल्ली से दरिंदों को निकाल फेंको. 'गुड़िया' की जिंदगी की दुआ करने के लिए कैंडल मार्च निकाला गया. हर जुबां पर मासूम की लंबी जिंदगी की दुआ है.

एम्स में भर्ती उस बच्ची के हौसले को सलाम है, जो दो दिनों तक दरिंदगी की हर हद झेलने के बाद भी मौत से जंग लड़ रही है. हर कोई जानता है कि ठीक होने के लिए अब उस मासूम को दवाओं से ज्यादा दुआओं और हौसले की जरूरत है.

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