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SC के वकीलों को जज बनाने संबंधी प्रस्ताव का हाईकोर्ट बार एसोसिशन ने किया विरोध

दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने सीजेआई एनवी रमणा को पत्र लिखा है और इस प्रस्ताव का विरोध किया है. पत्र में कहा गया है कि "सुप्रीम कोर्ट के वकीलों के विशिष्ट वर्ग" का विचार मनमाना है.

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 सुप्रीम कोर्ट. (फाइल फोटो)
सुप्रीम कोर्ट. (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • SCBA के प्रस्ताव का डीएचसीबीए ने जताया विरोध
  • डीएचसीबीए ने प्रस्ताव को बताया मनमाना

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) और हाईकोर्ट बार एसोसिशन (HCBA) आमने-सामने आ गए हैं. सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की तरफ एक पत्र जारी किए जाने के बाद यह विवाद शुरू हुआ है. दरअसल, एससीबीए की तरफ से जारी किए गए पत्र में कहा गया है कि सीजेआई ने उसके उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है जिसमें कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट में कार्यरत वकीलों को उच्च न्यायालय में जज नियुक्त किया जा सकता है.

अब तक केवल राज्य हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वकीलों को विशेष एचसी के न्यायाधीशों के रूप में पदोन्नत किया जाता रहा है. दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने सीजेआई एनवी रमणा को पत्र लिखा है और इस प्रस्ताव का विरोध किया है. पत्र में कहा गया है कि "सुप्रीम कोर्ट के वकीलों के विशिष्ट वर्ग" का विचार मनमाना है. उच्च न्यायालय कॉलेजियम तय करता है कि न्यायाधीश कौन बनेगा. यह निर्देश हाईकोर्ट के कॉलेजियम की शक्ति को छीनने जैसा है.

डीएचसीबीए के पत्र में सीजेआई से आग्रह किया गया है कि एससीबीए के अनुरोध पर शीर्ष अदालत में वकालत करने वाले वकीलों को उच्च न्यायालय में न्यायाधीश नियुक्त करने के संबंध में अगर इस तरह का कोई निर्देश उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश को जारी किया गया है तो उसे वापस लेना चाहिए.

 

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