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क्यों धरे के धरे रह गए मोदी'चूर' के लड्डू!

मनोज तिवारी ने भी ऐलान कर दिया था कि वो नोटबंदी पर लोगों का आभार जताने के लिए 1 जनवरी से हर घर में जाकर एक-एक लड्डू बांटेंगे.

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मनोज तिवारी मनोज तिवारी

क्या हुआ तेरा वादा? वो कसम वो इरादा...आजकल ये सवाल दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष मनोज तिवारी से पूछा जा रहा है? दरअसल उन्हें 1 जनवरी से दिल्ली में घर-घर जाकर मोदी'चूर' का लड्डू बांटना था. मोदी'चूर' का लड्डू इसलिए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के फैसले पर जो 'समर्थन' मिला उसके लिए लोगों का उनके द्वार पहुंच कर आभार जताना था.

हाल ही में बीजेपी ने अपने सांसद मनोज तिवारी को दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष नियुक्त किया है. इस फैसले से गदगद मनोज तिवारी ने भी ऐलान कर दिया था कि वो नोटबंदी पर लोगों का आभार जताने के लिए 1 जनवरी से हर घर में जाकर एक-एक लड्डू बांटेंगे. लेकिन 1 जनवरी आकर भी चली गई. लोगों के घर तक लड्डू नहीं पहुंचे.

आखिर क्या हुआ जो मनोज तिवारी अपने इस वादे को पूरा करने की दिशा में नहीं बढ़ सके. लेकिन नोटबंदी में कैश की किल्लत पर लोगों की परेशानियों को लेकर विरोधी दलों ने जिस तरह अभियान चलाया, उसने बीजेपी को ही 'लड्डू बांटो' कार्यक्रम पर दोबारा सोचने के लिए मजबूर कर दिया.

विचार मंथन हुआ तो इस पहलू पर भी सोचा गया कि कहीं लोगों के बीच लड्डू बांटना कहीं उल्टा ही ना पड़ जाए. इस वजह से इस कार्यक्रम को चुपचाप ठंडे बस्ते में ही डालना बेहतर समझा गया.

बीजेपी के किनारा कर लेने की वजह से धरे के रह गए मोदी'चूर' के लड्डू.

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