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डीएमआरसी का नया कीर्तिमान, खड़े किए एक महीने में 200 गाटर

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने नोएडा-ग्रेटर नोएडा कॉरिडोर पर केवल एक महिने में 200 गर्डर खड़े करने के लिए प्रतिष्ठित लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड में अपना नाम दर्ज कराया है. ग्रेटर नोएडा कॉरिडोर की लंबाई लगभग 30 कि.मी. है और इस रूट पर 21 स्टेशन है और ये कॉरिडोर पूरी तरह एलिवेटेड है.

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दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने नोएडा-ग्रेटर नोएडा कॉरिडोर पर केवल एक महिने में 200 गर्डर खड़े करने के लिए प्रतिष्ठित लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड में अपना नाम दर्ज कराया है. ग्रेटर नोएडा कॉरिडोर की लंबाई लगभग 30 कि.मी. है और इस रूट पर 21 स्टेशन है और ये कॉरिडोर पूरी तरह एलिवेटेड है.

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने मई 2016 के दौरान नोएडा-ग्रेटर नोएडा कॉरिडोर पर केवल एक महिने में 200 गर्डर खड़े करने का कार्य सफलता पूर्वक पूरा किया है जिसके चलते दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन का नाम प्रतिष्ठित लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज किया गया है. यह एक महिने के अंदर किसी मेट्रो कोरिडोर में अब तक खड़े किए गए यू गर्डरों की अधिकतम संख्या है. इसके लिए 6 विशेष ट्रेलरों और लगभग 350/400 टन क्षमता वाली 6 विशेष क्रेन का उपयोग किया गया है जिससे 27 मीटर लंबे और 5.05 मीटर चौड़े यू गर्डर खड़े करने का कार्य पूरा किया गया है जो कि अपने आप में रिकॉर्ड है.

नोएडा-ग्रेटर नोएडा कोरिडोर की लंबाई लगभग 30 कि.मी. है. इस पूरी तरह एलिवेटिड कोरिडोर पर 21 स्टेशन है. यह कोरिडोर स्टैंडर्ड गेज पर है और यह डेडिकेटिजड रेल फ्रेट कोरिडोर के नीचे से गुजरता है. इस कोरिडोर के सभी स्टेशनों में प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर, जल संचय की सुविधा और सौर पैनल होंगे.

नोएडा-ग्रेटर नोएडा कोरिडोर को भविष्य में बनने वाले नोएडा सिटी सेंटर के साथ सेक्टर 62 मेट्रो कोरिडोर के साथ जोड़ा जाएगा. सेक्टर 52 मेट्रो स्टेशन पर स्थित नोएडा सिटी सेंटर को नोएडा ग्रेटर नोएडा कोरिडोर के सेक्टर 71 मेट्रो स्टेशन के साथ सेक्टर 62 कोरिडोर को एक फुट ओवर ब्रिज के साथ जोड़ा जाएगा.

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