दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड पड़ रही है. देश की राजधानी दिल्ली में लगातार पारा लुढ़कने के चलते ठंड बढ़ती जा रही है. दिल्ली में रविवार को न्यूनतम तापमान 2.8 डिग्री दर्ज किया गया.
मौसम विभाग के मुताबिक रविवार को दिल्ली के लोधी रोड इलाके में 2.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया. इसके अलावा सफदरजंग में 3.4 और पालम में 3.2 डिग्री तापमान आंका गया.
India Meteorological Department (IMD): Minimum temperature recorded at various locations in Delhi, today; 2.8 degree Celsius in Lodi Road area, 3.2 in Palam & 3.4 in Safdarjung area.
— ANI (@ANI) December 29, 2019
दिल्ली में पड़ रही कड़ाके की ठंड ने भले ही 1997 के बाद से 22 साल पुराना अपना रिकॉर्ड तोड़ा है, लेकिन पिछले 100 वर्षों में ऐसा केवल चार बार ही हुआ है, जब इस माह में तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे गया हो. मौसम विभाग ने ठंड को देखते हुए दिल्ली समेत 6 राज्यों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है.
सदी का दूसरा सबसे ठंडा दिसंबर
स्काईमेट वेदर के अनुसार, 1901 से 2018 तक केवल 4 बार 1919, 1929, 1961 और 1997 में दिसंबर माह में औसत अधिकतम तापमान 20 डिग्री से कम रहा. 26 दिसंबर, 2019 तक औसत अधिकतम तापमान (एमएमटी) 19.85 डिग्री सेल्सियस रहा और अनुमानित अधिकतम तापमान दिसंबर के लिए 19.15 है.
यदि ऐसा होता है तो 1977 के बाद 2019 सदी का दूसरा सबसे ठंडा दिसंबर रहेगा. इस सत्र में दिल्ली में दिसंबर माह में सबसे कम अधिकतम तापमान 18 दिसंबर को 12.2 डिग्री रहा है.
बता दें कि दिल्ली में शनिवार को मौसम का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया. शनिवार को सुबह न्यूनतम तापमान गिरकर 1.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था.
शहर घने कोहरे की चादर में लिपटा रहा जिससे दृश्यता कम हो गई और सड़कों पर वाहनों की आवाजाही पर असर पड़ा. आईएमडी में वरिष्ठ मौसम विज्ञानी कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर में शीतलहर चलने और अत्यधिक ठंड रहने का अनुमान है.
मौसम विभाग के मुताबिक 1992 से लेकर अब तक सफदरजंग वेधशाला में 30 दिसंबर 2013 को न्यूनतम तापमान 2.4 डिग्री से. और 11 दिसंबर 1996 को 2.3 डिग्री से. दर्ज किया गया. 1930 में 27 दिसंबर को शून्य डिग्री तापमान दर्ज किया गया था जो कि रिकॉर्ड है. दिल्ली-एनसीआर में कड़ाके की ठंड के चलते 1901 के बाद से दूसरा सबसे सर्द दिसंबर रिकॉर्ड किए जाने की संभावना है.