दिल्ली में पानी को लेकर केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान और केजरीवाल सरकार में जुबानी जंग जारी है. रामविलास पासवान ने शुक्रवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मुझे गाली देने की बजाए दिल्ली की जनता के लिए स्वच्छ और शुद्ध पानी की व्यवस्था तत्काल करें.
“@ArvindKejriwal जी मुझे गाली देने की बजायें दिल्ली की जनता के लिए स्वच्छ और शुद्ध पानी की व्यवस्था तत्काल करे।”
— Ram Vilas Paswan (@irvpaswan) November 22, 2019
बता दें कि इससे पहले अरविंद केजरीवाल ने रामविलास पासवान पर दिल्ली की जनता को धोखा देने का आरोप लगाया. वहीं आम आदमी पार्टी के कई नेताओं ने केंद्रीय मंत्री से इस्तीफा मांग लिया.मैं सिर्फ़ मुख्यमंत्री श्री @ArvindKejriwal जी के द्वारा लगाये आरोप का जवाब दूँगा। बाकी @AamAadmiParty के नेता क्या बोलते है, उस पर मैं ध्यान नहीं देता।
— Ram Vilas Paswan (@irvpaswan) November 22, 2019
बता दें कि देश की राजधानी में पीने के पानी के मसले को लेकर राजनीति गरमा गई है. भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) की जांच में दिल्ली में 11 जगहों से लिए गए नमूने फेल होने के बाद से आम आदमी पार्टी नीत दिल्ली सरकार और भाजपा नीत केंद्र सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच गुरुवार को लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ प्रदर्शन किया.
लोजपा के युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय सर्राफ की अगुवाई में पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विकास भवन के पास प्रदर्शन किया. लोजपा नेताओं ने दिल्ली में दूषित पानी की सप्लाई के मुद्दे को लेकर अरविंद केजरीवाल से इस्तीफा मांगा. लोजपा नेताओं ने बोतलों में पानी के नमूने लेकर प्रदर्शन किया.
इससे पहले भाजपा नेताओं ने भी केजरीवाल के घर के पास प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों की अगुवाई भाजपा विधायक विजेंद्र गुप्ता कर रहे थे. भाजपा नेता भी बोतलों में भरकर पीने के पानी के नमूने लेकर गए थे.
गौरतलब है कि बीआईएस ने नल द्वारा आपूर्ति किए जाने वाले पानी की गुणवत्ता की जांच के लिए देश के 20 राज्यों की राजधानी के अलावा दिल्ली में 11 जगहों से पानी के नमूने एकत्र किए गए थे. इन नमूने की जांच रिपोर्ट 16 नवंबर को केंद्रीय मंत्री ने जारी की थी जिसमें दिल्ली के सभी नमूने गुणवत्ता मानकों पर विफल पाए गए थे. उसी समय से केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच पीने के पानी की शुद्धता के मानकों को लेकर जंग छिड़ी हुई है.