दिल्ली वक्फ बोर्ड ने जवाहलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) से तीन साल पहले गायब छात्र नजीब की मां को 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी. इसके साथ ही नजीब के छोटे भाई हसीब को दिल्ली वक्फ बोर्ड में पक्की नौकरी दी गई. नजीब की मां सोमवार की दोपहर बोर्ड ऑफिस पहुंची थीं.
दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष अमानतुल्लाह खान ने लापता छात्र नजीब की मां बिलकीस बानो को आर्थिक सहायता के रूप में 5 लाख रुपये का चेक दिया और उनके एक बेटे हसीब को जो एक इंजीनियर है, दिल्ली वक्फ बोर्ड में नौकरी की पेशकश की, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया.
अमानतुल्लाह खान बोले- समझते हैं मां की चिंता
मीडिया से बात करते हुए अमानतुल्लाह खान ने कहा कि नजीब, जो कई साल पहले जेएनयू से लापता हो गया था और जिनकी अभी तक पहचान नहीं हुई है, उनकी चिंताओं को हम समझते हैं और दर्द में समान रूप से शामिल हैं. हम बोर्ड से 5 लाख रुपये की मदद करके और उनके दूसरे बेटे हसीब को नौकरी देकर उनके घाव भरने की कोशिश कर रहे हैं.
जरूरतमंद परिवारों को 50 लाख की मदद
इसके अलावा बोर्ड ने 200 जरूरतमंद परिवारों की 50 लाख रुपए की मदद की. बोर्ड से सहायता पाने वालों में समाज के सभी वर्गों के पुरुष और महिलाएं, स्कूल और कॉलेज की छात्रएं और बड़ी बीमारियों से पीड़ित लोग जो अस्पताल में भर्ती हैं और उनके पास इलाज के पैसे नहीं हैं.