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दिल्ली हिंसा: स्पेशल सेल ने दाखिल की चार्जशीट, व्हाट्सएप ग्रुप से रची गई साजिश

स्पेशल सेल के डीसीपी ने व्हाट्सएप चैट की फाइल भी कोर्ट को दी है और कहा कि व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर हर ग्रुप को हिंसा कराने की अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई थी. कुछ आदेश देने वाले लोग थे और कुछ आदेशों का पालन करने वाले थे.

दिल्ली हिंसा की फाइल फोटो दिल्ली हिंसा की फाइल फोटो
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सीलमपुर, जाफराबाद के लिए अलग व्हाट्सएप ग्रुप था
  • डीसीपी ने व्हाट्सएप चैट की फाइल भी कोर्ट को दी
  • व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए हिंसा कराने की जिम्मेदारी का दावा

दिल्ली हिंसा के षड्यंत्रकारियों पर बुधवार को दिल्ली पुलिस ने 17,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है. चार्जशीट के मुताबिक, ताहिर हुसैन समेत 15 लोगों ने अलग-अलग व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर हिंसा कराने का षड्यंत्र रचा. पुलिस ने कोर्ट में दावा किया कि आरोपों को साबित करने के लिए उनके पास पर्याप्त सबूत हैं.

दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने बताया है कि नॉर्थ ईस्ट हिंसा केस में दर्ज की गई सारी एफआईआर का गहराई से अध्ययन किया गया है. स्पेशल सेल ने बताया कि सीलमपुर, जाफराबाद के लिए अलग व्हाट्सएप ग्रुप था, ये CAA-NRC के खिलाफ प्रदर्शन के लिए बनाया गया था, इस तरह से 25 साइट बनाई गई थी.

स्पेशल सेल के डीसीपी ने व्हाट्सएप चैट की फाइल भी कोर्ट को दी है और कहा कि व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर हर ग्रुप को हिंसा कराने की अलग अलग जिम्मेदारी दी गई थी. कुछ आदेश देने वाले लोग थे और कुछ आदेशों का पालन करने वाले. कोर्ट ने स्पेशल सेल के डीसीपी प्रमोद कुशवाहा से कहा कि व्हाट्सएप चैट दिखाएं जो एविडेंस के तौर पर पेश कर रहे हैं.

स्पेशल सेल ने कोर्ट से कहा कि उनके पास हिंसा को कराने के सबूत के तौर पर व्हाट्सएप चैट, टेक्निकल एविडेंस और अन्य डॉक्यूमेंट्स भी हैं. दिल्ली प्रोटेस्ट सपोर्ट ग्रुप (DPSG) नाम से एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया गया था.

कोर्ट ने पूछा आपने फाइल में लिखा है 'Various' ग्रुप इसका मतलब क्या है? जिस पर स्पेशल सेल ने कहा कि कई अलग साजिशकर्ता थे, इसलिए लिखा.. प्रदर्शन आयोजित करने वाले अलग थे, प्रदर्शन करने वाले अलग. पुलिस ने कहा कि ये बड़ी साजिश है. 

स्पेशल सेल ने कहा, हम मामले में आगे सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर करेंगे (जिसमें उमर खालिद और शरजील इमाम जैसे नाम शामिल होंगे). बुधवार को जो चार्जशीट कड़कड़डूमा कोर्ट में दाखिल की गई है वो 17 हजार 500 पन्नों की है जिसमें से 2692 पन्ने चार्जशीट का ऑपरेटिव पार्ट है. स्पेशल सेल ने कोर्ट से कहा कि उनको चार्जशीट पर केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार दोनों से अनुमति मिल गई है.

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