दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) ने एक बार फिर से प्रधानमंत्री की डिग्री की जानकारी देने से इनकार कर दिया है. डीयू ने इस बार इसे प्राइवेसी का मामला बताकर जानकारी देने से मना किया है. इस मामले पर आम आदमी पार्टी (AAP) ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है. 'आप' का कहना है कि डीयू का पीएम की डिग्री के बारे में जानकारी देने से मना करना राइट टू इन्फॉर्मेशन एक्ट के खिलाफ है.
दरअसल, मो. इरशाद नाम के वकील ने आरटीआई लगाई थी, जिसमें उन्होंने मोदी की डिग्री के बारे में जानकारी मांगी थी. 'आप' का आरोप है कि किसी भी भारतीय नागरिक को अपने के बारे में जानकारी हासिल करने का अधिकार है. ऐसे में कोई भी जानकारी देने से इनकार नहीं कर सकता.
'जनता को धोखा दे रही बीजेपी'
'आप' के राष्ट्रीय प्रवक्ता दिलीप पांडे का कहना है, 'एक बार फिर से दिल्ली यूनिवर्सिटी ने की डिग्री को छुपाने से रहस्य और गहरा होता जा रहा है. अगर डीयू ये मानता है कि यह निजी जानकारी का मामला है, तो उसे सूचना के अधिकार के तहत प्रधानमंत्री को लिखकर उनकी अनुमति लेकर डिग्री जारी करनी चाहिए. लेकिन, यूनिवर्सिटी जानकारी देने से इनकार नहीं कर सकती.' उन्होंने कहा, 'अफसोस कि सभी विभागों को अपने इशारों पर चलाकर न सिर्फ जनता के संवैधानिक अधिकारों का हनन कर रही है, बल्कि देश की जनता को अंधेरे में रखकर धोखा भी दे रही है.