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कोर्ट ने केजरीवाल के प्रमुख सचिव से जब्त फाइलें लौटाने के लिए सीबीआई को दिया निर्देश

सीबीआई पर हमला करते हुए उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को माफी मांगने को भी कहा. उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीति से प्रेरित कार्रवाई उनके इशारे पर की गई ताकि मुख्यमंत्री कार्यालय को बदनाम किया जा सके.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंंद केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंंद केजरीवाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने सचिवालय पर छापेमारी के लिए बुधवार को इस आधार पर प्रधानमंत्री कार्यालय से स्पष्टीकरण मांगा कि यह प्रधानमंत्री को रिपोर्ट करता है. केजरीवाल ने यह मांग ऐसे दिन की है जब दिल्ली की एक अदालत ने सीबीआई को छापे के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों को 'आप' सरकार को लौटाने का निर्देश दिया है.

सीबीआई पर हमला करते हुए उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को माफी मांगने को भी कहा. उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीति से प्रेरित कार्रवाई उनके इशारे पर की गई ताकि मुख्यमंत्री कार्यालय को बदनाम किया जा सके. सूत्रों ने बताया कि दिल्ली सरकार सीबीआई के उन अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाने पर विचार कर रही है, जो 15 दिसंबर को दिल्ली सचिवालय पर छापेमारी का हिस्सा थे.

केजरीवाल ने ट्वीट करके कहा, 'आज के सीबीआई अदालत के मुख्यमंत्री कार्यालय से जब्त दस्तावेजों को लौटाने के आदेश के बाद पीएमओ को राष्ट्र को स्पष्टीकरण देना चाहिए, क्योंकि सीबीआई प्रधानमंत्री को रिपोर्ट करती है.'

डिप्टी सीएम सिसोदिया ने दावा किया कि अदालत का आदेश छापे पर दिल्ली सरकार के रख की पुष्टि करता है. सिसोदिया ने मांग की कि सीबीआई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, जो छापेमारी का हिस्सा थे.

'बदनाम करने के लिए था छापा'
उन्होंने कहा, 'राजनीति से प्रेरित छापेमारी के लिए प्रधानमंत्री को देश से माफी मांगनी चाहिए. उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए जिन्होंने, प्रधानमंत्री को गुमराह किया और केजरीवाल के कार्यालय पर छापा मारा गया और वहां से गलत फाइलें ली गईं. यह छापा मुख्यमंत्री कार्यालय को बदनाम करने के लिए था.'

सिसोदिया ने कहा, 'पहले दिन से ही हम बार-बार कह रहे हैं कि सीबीआई का छापा राजनीति से प्रेरित था. आज के अदालत के आदेश के साथ यह अब साबित हो गया है. अदालत ने यह भी कहा कि यह छापा मुख्यमंत्री के कार्यालय पर था.' सिसोदिया ने आगे कहा, 'अदालत में सीबीआई 2007 से 2013 के मुद्दे से संबंधित आरोपों और 2015-16 की फाइलों के बीच संबंध स्थापित करने में विफल रही, जिसके आधार पर छापेमारी की गई.'

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