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Delhi Riots: दिल्ली दंगा मामले में 2 साल बाद पहली बार सुनाई गई सजा, एक दोषी को 5 साल की जेल

फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में साम्प्रदायिक नफरत से मची हिंसा की आग में तीन दिनों के दौरान कम से कम 53 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि लगभग 200 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे. मामले में दो साल बाद पहली बार कोर्ट ने किसी दोषी को सजा सुनाई है.

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स्टोरी हाइलाइट्स
  • 2 पुलिसकर्मियों के बयान पर हुआ फैसला
  • फरवरी 2020 में हुई थी दिल्ली हिंसा

दिल्ली दंगा मामले में कोर्ट ने करीब दो साल बाद पहली सजा सुनते हुए एक दोषी को 5 साल कैद की सजा दी है. कड़कड़डूमा कोर्ट ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगा मामले में दोषी दिनेश यादव को ये सजा सुनाई है.

दिल्ली में गोकलपुरी के भागीरथी विहार इलाके में हुई हिंसा और आगजनी की घटना के दौरान दिनेश को गैरकानूनी जमावड़ा करने के लिए IPC की धारा 143,147,148, 457,392,436 के तहत घर में घुसने,आगजनी करने, गैरकानूनी सभा जमावड़ा करने, दंगा, डकैती करने समेत अन्य मामलो में पिछले साल 12 दिसंबर को दोषी ठहराया था.

इस मामले में कोर्ट ने 2 पुलिसकर्मियों के बयान को अहम मानते हुए कहा कि दिनेश को किसी ने पीड़िता का घर जलाते हुए नहीं देखा, लेकिन सबूत के आधार पर ये पाया गया कि यदि कोई गैरकानूनी भीड़ का हिस्सा है तो वह भी बाकी दंगाइयों की तरह हिंसा के लिए उतना ही जिम्मेदार है.

गवाह पुलिस कर्मियों ने बताया था कि दिनेश उस भीड़ का हिस्सा था, जो हिंसा पर उतारू थी. हालांकि उन्होंने  दिनेश को घर जलाते हुए नहीं देखा था. दरअसल, 25 दिसम्बर 2020 को दंगों के दौरान गोकलपुरी के भागीरथी विहार में रहने वाली मनोरी नाम की महिला के घर में लूटपाट के बाद आग लगा दी गई थी. जिसकी वजह से उन्हें जान बचाकर भागना पड़ा था.

गौरतलब है कि, फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में साम्प्रदायिक नफरत से मची हिंसा की आग में तीन दिनों के दौरान कम से कम 53 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि लगभग 200 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे.
 


 

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