राजधानी दिल्ली के लोगों को 16 अक्टूबर को रानी झांसी फ्लाईओवर की सौगात मिलेगी. दिल्ली का सबसे देरी से बनने वाला रानी झांसी फ्लाईओवर आखिरकार बनकर तैयार हो गया है. जिस पुल को 22 महीने में बनकर 2010 में तैयार हो जाना चाहिए था वो काम शुरू होने के दस साल बाद अब बनकर तैयार हुआ है.
इस फ्लाईओवर की सिर्फ डेडलाइन ही आगे नहीं बढ़ी बल्कि प्रोजेक्ट की लागत भी चार गुना बढ़ गई है. इस फ्लाईओवर का उद्घाटन 16 अक्टूबर को होगा. एक दर्जन से ज़्यादा सरकारी एजेंसियों के बीच आपस में तालमेल ना होने की वजह से यह फ्लाईओवर लगातार खींचतान में चल रहा था. दिल्ली जल बोर्ड, दिल्ली पावर, पीडब्ल्यूडी, एमसी़डी, जल बोर्ड, रेलवे जैसी एजेंसियों में ही आपस में कोऑर्डिनेट नहीं हो पा रहा था तो वहीं दूसरी ओर लोगों के घर, मंदिर और मस्जिद भी इस फ्लाईओवर के बीच में पड़ रहे थे.
करीब 1.7 किलोमीटर लंबा रानी झांसी फ्लाईओवर पूसा रोड अपर रिज और रोहतक रोड को फिल्मिस्तान सिनेमा, डीसीएम चौक, आजाद मार्केट और रोशनआरा रोड के जरिए ISBT, कश्मीरी गेट से जोड़ेगा. इस फ्लाईओवर के खुलने से कश्मीरी गेट, करोल बाग, मोरी गेट, कमला नगर, सदर बाजार, पहाड़गंज और आजाद मार्केट में लगने वाले जाम से कुछ राहत मिलेगी.
बता दें कि बीते दिनों एमसीडी अधिकारियों ने इस फ्लाईओवर का निरीक्षण किया और इसको पूरा बताया. अधिकारियों के मुताबिक अब इसके उद्घाटन का इंतज़ार है. स्थानीय पार्षद जय प्रकाश ने बताया कि इस फ़्लाईओवर के शुरू होने से पुरानी दिल्लीवालों का सपना पूरा हो जाएगा और घंटों लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी.
गौरतलब है कि शुरू में इस फ्लाईओवर का निर्माण महज़ 175 करोड़ तय किया गया था लेकिन समय बीतने के साथ ही लोगों को देने वाले मुआवज़े की दर भी बढ़ती गई यही वजह है कि अब जाकर इस फ्लाईओवर का कुल ख़र्च 800 करोड पहुंच गया है.