यमुना बचाओ पदयात्रा दिल्ली में दाखिल हो चुकी है. हालांकि ट्रैक्टर के साथ आए लोगों को पुलिस ने बार्डर पर ही रोक दिया है. इसके साथ ही पुलिस ने एन एच-2 को भी बंद कर दिया था. फिलहाल भीड़ सरिता विहार की ओर बढ़ रही है.
इससे पहले यात्रा बदरपुर बॉर्डर से दिल्ली में प्रवेश कर रही थी तभी पुलिस ने उन्हें रोक दिया था. यमुना रक्षक दल से जुड़े लोग ट्रैक्टरों से जाना चाह रहे थे जिसकी पुलिस ने इजाजत नहीं दी. इस वजह से बदरपुर बॉर्डर पर भारी जाम लग गया है. उधर आंदोलनकारी लगातार दिल्ली की और आगे बढ़ने के लिए अड़े हुए हैं.
उधर यमुना का मुद्दा संसद में भी उठा है. बीजेपी नेता सुषमा स्वराज का कहना है कि यमुना की हालत सुधारने की ज़रूरत है. अगर यमुना रायबरेली से होकर गुजरती तो शायद उसका ये हाल नहीं होता.
पर्यावरण एवं वन मंत्री जयंत नटराजन ने सदन को आश्वस्त किया कि संप्रग सरकार गंगा और यमुना को साफ करने के कार्य को अत्यंत गंभीरता से ले रही है. उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने ही गंगा और यमुना को स्वच्छ करने की योजना शुरू की थी और अगर ऐसा नहीं किया गया होता तो इन नदियों की दुर्दशा और भी भयंकर होती.
जयंती ने कहा कि जहां तक हथिनीकुंड बैराज से जल छोडने का मामला है, ये एक राजनीतिक विषय है क्योंकि हर राज्य अपनी कृषि के लिए जल को अपने बैराजों पर संजोकर रखता है. उन्होंने कहा कि यमुना को प्रदूषणमुक्त रखने के लिए कई नाले बनाये गये लेकिन उन्हें जल शोधन संयंत्रों से नहीं जोडा गया.
जयंती ने कहा कि राज्यों को चाहिए कि वे अपने यहां जगह जगह जल शोधन संयंत्र लगाकर गंदे पानी को वहां शोधित करने के बाद ही नदी में छोडें.इस विषय पर राजद के लालू प्रसाद, कांग्रेस के जगदंबिका पाल सहित लगभग सभी दलों के सदस्य अपनी बात रखना चाहते थे लेकिन अध्यक्ष ने सदन को इस विषय से संबद्ध करके कहा कि सदस्यों की ओर से नोटिस आने पर इस बारे में अलग से चर्चा करायी जा सकती है.