दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध निर्माण हटाने के दौरान बवाल हुआ. देर रात चले इस अभियान में कुछ असामाजिक तत्वों ने मौके पर तैनात पुलिस बल पर पत्थरबाजी शुरू कर दी. जिसमें चार से पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए. अब इस पूरे मामले में दिल्ली पुलिस ने सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं.
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जिन पुलिसकर्मियों ने ड्यूटी के दौरान बॉडी कैम लगाए हुए थे, उनके बॉडी कैम फुटेज और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से पत्थरबाजी करने वालों की पहचान की गई. 10 पत्थरबाजों को हिरासत में लिया गया है. जांच के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और इस संबंध में एफआईआर भी दर्ज की गई है. दिल्ली पुलिस और MCD अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह डिमोलिशन ड्राइव किसी धार्मिक स्थल के खिलाफ नहीं थी, बल्कि यह पूरी तरह से हाईकोर्ट के आदेश के तहत अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई थी.
डीसीपी सेंट्रल निधिन वालसन ने बताया कि यह कार्रवाई रात करीब 1 बजे शुरू हुई. मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके. डीसीपी निधिन वालसन के मुताबिक, एमसीडी हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार अतिक्रमित भूमि पर कार्रवाई कर रही थी. हमने सुरक्षा के लिए अपना स्टाफ तैनात किया था. कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने रात में पुलिस पर पत्थर फेंके. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हल्के बल का इस्तेमाल किया गया. कुल मिलाकर प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही, लेकिन चार से पांच पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें आई हैं.
बॉडी कैम और CCTV से खुलेगा राज
पुलिस का कहना है कि इस पूरी कार्रवाई के दौरान कई पुलिसकर्मियों ने बॉडी कैम पहन रखे थे. इसके अलावा, तुर्कमान गेट और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों में भी पूरी घटना रिकॉर्ड हुई है. दिल्ली पुलिस अब इन सभी फुटेज को खंगाल रही है. अधिकारियों के अनुसार, फुटेज के जरिए यह साफ किया गया कि पत्थरबाज़ी किसने की, किस समय की गई और किन परिस्थितियों में ये सब हुआ. पुलिस सूत्रों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है.
पुलिस पर हमला, पांच जवान घायल
घटना के दौरान हालात उस वक्त तनावपूर्ण हो गए, जब भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने अचानक पुलिस पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया. पुलिस के अनुसार, यह पत्थरबाज़ी सुनियोजित प्रतीत होती है, क्योंकि कुछ लोग पहले से ही मौके पर मौजूद थे और भीड़ को उकसाने की कोशिश कर रहे थे. पत्थरबाजी में घायल हुए पुलिसकर्मियों को प्राथमिक उपचार दिया गया. सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है. पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा है कि सरकारी काम में बाधा डालना और पुलिसकर्मियों पर हमला करना गंभीर अपराध है और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.
मस्जिद को नुकसान नहीं, अवैध ढांचे हटाए गए
अधिकारियों ने बताया कि फैज़-ए-इलाही मस्जिद को किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया गया है. पुलिस और MCD दोनों ने स्पष्ट किया है कि मस्जिद को बिल्कुल नहीं तोड़ा गया. कार्रवाई केवल मस्जिद के आसपास बने अवैध निर्माणों पर की गई. जानकारी के मुताबिक, जिन ढांचों को हटाया गया, उनमें एक बारात घर का हिस्सा, कुछ अवैध दुकानें, एक डिस्पेंसरी शामिल हैं. अधिकारियों का कहना है कि ये सभी निर्माण अतिक्रमित भूमि पर बने हुए थे और इनके खिलाफ पहले से कानूनी प्रक्रिया चल रही थी. हाईकोर्ट के आदेश के बाद ही इन्हें हटाया गया.
FIR हुई, सभी पर होगी कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में एक एफआईआर दर्ज की है. सूत्रों के मुताबिक इसमें सरकारी कार्य में बाधा, पुलिस पर हमला और सार्वजनिक शांति भंग करने जैसी धाराएं लगाई गई हैं. डीसीपी सेंट्रल ने साफ कहा है कि जो लोग हंगामा करने में शामिल थे, उनकी पहचान की जाएगी और सभी के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होगी. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस घटना के पीछे किसी तरह की साजिश थी या फिर भीड़ को जानबूझकर उकसाया गया. यदि ऐसा पाया गया, तो साजिश रचने वालों के खिलाफ भी अलग से कार्रवाई की जाएगी.
इलाके में पुलिस तैनाती बढ़ी
घटना के बाद तुर्कमान गेट और आसपास के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. किसी भी तरह की अफवाह या दोबारा हिंसा को रोकने के लिए लगातार गश्त की जा रही है. पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है.