दो दिन पहले संगम विहार इलाके में मिली लाश की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है. मरने वाले शख्स का नाम मंजूर आलम था. मंजूर आलम की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उसकी थी.
पुलिस ने इस मामले में मंजूर की पत्नी मस्ताना खातून और सुबोध नाम के उसके आशिक को गिरफ्तार कर लिया है. दरअसल, मंजूर आलम की पत्नी के सम्बन्ध पास ही के रहने वाले सुबोध नाम के एक युवक से हो गए थे, जिसके बाद सुबोध का मंजूर के घर आना जाना हो गया था. ये बात मंजूर को नागवार गुजरती थी और इसी बात को लेकर दोनों के बीच कई बार झगड़ा भी हुआ था. इसके बाद मस्ताना ने अपने आशिक दोस्त के साथ मिलकर डाली.
दो दिन पहले रात को जब मंजूर आलम थका हारा घर आया, तो उसकी पत्नी ने अपने आशिक सुबोध के साथ मिलकर उसके शरीर पर चाकुओं से कई वार किए. दोनों ने तब तक उसके शरीर पर गई. इसके बाद उसके हाथ और पैर बांधकर एक बोरे में डालकर उसे घर से थोड़ी दूर एक खाली जगह पर फेंक दिया.
मस्ताना ने गुत्थी को उलझाने के लिए मंजूर आलम के भाई अशरफुल को फोन कर कहा कि उनके भाई का दो दिन से कोई पता नहीं चल रहा. इसके बाद अशरफुल संगम विहार थाने में शिकायत दर्ज कराने गया, तो पहले से जांच में जुटी पुलिस ने लाश की पहचान मंजूर आलम के रूप में की. मामले में जब पुलिस ने तहकीकात शुरू की, शक की सुई पत्नी पर गई जिसके बाद पुलिस ने मस्ताना को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, तो सारी कहानी सामने आ गई.
पुलिस ने मस्ताना खातून और युवक सुबोध को जेल भेज दिया है.