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9 लाख रुपये में सौदा, परीक्षा पास होने पर नहीं किया भुगतान... कैसे पकड़ में आए पुलिस भर्ती में धांधली करने वाले आरोपी

दिल्ली पुलिस भर्ती में धोखाधड़ी के आरोप में साइबर सेल की टीम ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें दिल्ली पुलिस के तीन कर्मचारी और परीक्षा केंद्र के तीन कर्मचारी शामिल हैं. इसके लिए आरोपियों ने नौ लाख रुपये में सौदा किया था.

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दिल्ली पुलिस भर्ती परीक्षा में धांधली करने वाले छह गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस भर्ती परीक्षा में धांधली करने वाले छह गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस कांस्टेबल भर्ती में धोखाधड़ी के आरोप में साइबर सेल की टीम ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें दिल्ली पुलिस के तीन कर्मचारी और परीक्षा केंद्र के तीन कर्मचारी शामिल हैं. इन लोगों ने एक शख्स को परीक्षा में पास कराने के लिए नौ लाख रुपये लिए थे.  

दरअसल अपराध शाखा को एक शिकायत मिली थी, जिसमें आरोप लगाया गया कि दिल्ली पुलिस भर्ती परीक्षा (2020) जोकि एसएससी ने आयोजित की थी. इसमें सहारनपुर के रहने वाले अर्जुन सिंह ने फर्जी तरीके से परीक्षा पास की है. जब अर्जुन से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि उत्तराखंड में ION डिजिटल जोन रूड़की-देहरादून हाइवे पर परीक्षा दी थी.  

कैसे हुआ इस मामले में खुलासा?  

सीसीटीवी फुटेज से एसएससी को पता चला कि अर्जुन सिंह की परीक्षा किसी अन्य उम्मीदवार ने दी थी. अर्जुन सिंह कुछ समय के लिए अपनी सीट छोड़कर चला गया और 10 मिनट बाद एक फर्जी अभ्यर्थी अर्जुन सिंह की सीट पर आकर बैठ गया. इसके लिए नौ लाख  रुपये का भुगतान किया गया था. जांच में सामने आया है कि प्रवीण कुमार नामक शख्स ने फर्जी उम्मीदवार बनकर परीक्षा दी थी.  

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जांच के दौरान प्रवीण कुमार ने खुलासा किया कि लैब स्टाफ की मदद से वह अभ्यर्थी अर्जुन सिंह की परीक्षा में शामिल हुआ था. इसके लिए उसे पैसे मिले थे. इस साजिश में दिल्ली पुलिस के सिपाही विशाल और महिला सिपाही शिखा और दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है.  

दिल्ली पुलिस के सिपाही ने क्या कहा? 

पूछताछ के दौरान आरोपी सिपाही ने खुलासा किया कि वह 2018 में दिल्ली पुलिस में भर्ती हुआ था और 2020 में दिल्ली के मंगोलपुरी में एक महिला सिपाही से मिला था. महिला सिपाही ने कहा कि वह पेमेंट के आधार पर किसी भी एग्जाम को पास करा सकती है. विशाल ने कहा कि 2020 में उसने अपने दोस्त अर्जुन के बारे में बताया, जिसने नौ लाख रुपये में बात तय की. बाद में अर्जुन की जगह प्रवीण को भेजा गया और उसने परीक्षा पास कर ली, लेकिन अर्जुन ने उसका भुगतान नहीं किया और इसके लिए दोनों में झगड़ा भी हुआ.  

जांच के दौरान लैब स्टाफ राधे श्याम, विकास कुमार, मोहित कुमार बालियान को भी गिरफ्तार किया गया. उन्होंने खुलासा किया कि वे सभी आईओएन डिजिटल जोन, रुड़की-देहरादून राजमार्ग, उत्तराखंड लैब में रुड़की कॉलेज ऑफ फार्मेसी (आरसीपी) द्वारा प्रतिनियुक्त किए गए थे. 

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सीसीटीवी से भी की गई छेड़छाड़ 

आरोपी राधे श्याम और विकास कुमार ने खुलासा किया कि उन्होंने मोहित कुमार बालियान के निर्देश पर परीक्षा स्थल में किसी अन्य जाली विद्यार्थी को प्रवेश करने में उसकी मदद की. इसके अलावा  मोहित बालियान ने खुलासा किया कि उसे भी आरसीपी कॉलेज द्वारा लैब में प्रतिनियुक्त किया गया था. परीक्षा के दौरान उसने राधे श्याम और विकास कुमार को परीक्षा में अन्य जाली विद्यार्थी को शामिल करने का निर्देश दिया गया था और परीक्षा केंद्र के सीसीटीवी फुटेज के साथ भी छेड़छाड़ की.  

कहां के रहने वाले हैं आरोपी? 

1- परवीन, ननौद, रोहतक (हरियाणा) 
2- शिखा, देहरा, पानीपत (हरियाणा) 
3- विशाल कुमार, मुकंदपुर, सहारनपुर (यूपी) 
4- राधे श्याम, जदोदा जट्ट, सहारनपुर (यूपी) 
5- विकास कुमार, शाहजहांपुर, हरिद्वार (उत्तराखंड) 
6- मोहित कुमार बालियान, खतौली, मुजफ्फरनगर (यूपी) 

 

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