दिल्ली पुलिस ने ऑनलाइन निवेश के नाम पर चल रहे एक बहुस्तरीय, पैन-इंडिया साइबर ठगी सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इन ताज़ा गिरफ्तारियों के साथ इस मामले में अब तक कुल सात आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच द्वारा की गई है.
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस अधिकारियों ने हाल ही में गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मुंबई निवासी आरिफ सैयद और मोहम्मद रहान अनूमी, फरीदाबाद निवासी सुमर सैनी के रूप में की है.
फर्जी ट्रेडिंग ऐप से निवेश का झांसा, 27.20 लाख की ठगी
यह मामला एक ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी से जुड़ा है, जिसमें पीड़ित को सोशल मीडिया पर बनाए गए फर्जी ट्रेडिंग ग्रुप और एक नकली मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए निवेश के लिए लुभाया गया था. ऐप पर काल्पनिक आईपीओ और ट्रेडिंग स्कीम के जरिए मोटे मुनाफे का झांसा दिया गया.
क्राइम ब्रांच के उपायुक्त आदित्य गौतम ने बताया कि पीड़ित से कुल 27.20 लाख रुपये की ठगी की गई. यह रकम बाद में कई म्यूल बैंक खातों के जरिए इधर-उधर की गई. जांच के शुरुआती चरण में चार आरोपी मयूर मरुति सानस, गौरव जाधव, मोहम्मद यूसुफ अली और मोहम्मद अबरार खान को गिरफ्तार किया गया था, जो मुख्य रूप से प्राइमरी म्यूल अकाउंट्स के संचालन और सुविधा में शामिल थे.
म्यूल बैंक खातों के जरिए घुमाई गई रकम
जांच में यह भी सामने आया कि M/s Nexus-IN Broadband नाम के एक करंट अकाउंट में पीड़ित की ओर से 14 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे. आरिफ सैयद को 26 दिसंबर को मुंबई से मोहम्मद यूसुफ अली की निशानदेही पर गिरफ्तार किया गया. पुलिस का कहना है कि वह म्यूल अकाउंट खुलवाने और उन्हें संचालित करने की साजिश में शामिल था, हालांकि उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड पहले नहीं था.
फरीदाबाद से गिरफ्तार सुमर सैनी एक ग्रेजुएट है और म्यूल अकाउंट होल्डर के तौर पर काम कर रहा था. उसके खाते में मयूर मरुति सानस द्वारा 4 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे. वहीं, मोहम्मद रहान अनूमी को 8 जनवरी को मुंबई से गिरफ्तार किया गया, जो म्यूल खातों के प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभा रहा था.
पुलिस जांच में एक संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें सोशल मीडिया पर निवेश सलाहकार बनकर ठगी करने वाले, सिम कार्ड और क्यूआर कोड मैनेज करने वाले तथा बैंकिंग क्रेडेंशियल संभालने वाले लोग शामिल थे.