देश की राजधानी दिल्ली में टैक्सी ड्राइवर की हत्या के एक पुराने मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. दिल्ली पुलिस ने बताया कि 2015 में अपने सहयोगी की मदद से एक टैक्सी ड्राइवर की हत्या करने के मामले में आरोपी फरार हो गया था.
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक आरोपियों ने टैक्सी ड्राइवर की हत्या कर कार को लूट लिया था और गाड़ी बेच दी थी. इस हत्याकांड के बाद आरोपी मनीष शुक्ला को फरार होने के बाद भगोड़ा घोषित कर दिया गया था. पिछले साल मार्च में अंतरिम जमानत पर जेल से रिहा होने के बाद वो गायब हो गया था.
पिता की मौत पर मिली थी जमानत
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, '6 जुलाई 2015 को, मनीष शुक्ला अपने दो अन्य साथियों नुमानुद्दीन और अत्ता-उल-रहमान के साथ मिलकर द्वारका इलाके में स्काईलेक सोसाइटी के पास एक कैब ड्राइवर की गला घोंटकर हत्या कर दी थी.
पुलिस ने कहा कि आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया और उन्होंने खुलासा किया कि उन्हें पैसे की सख्त जरूरत थी, इसलिए उन्होंने किसी चार पहिया वाहन को लूटने की योजना बनाई और पैसे कमाने के लिए उसे बेच दिया.
मामले की सुनवाई के दौरान, आरोपी मनीष शुक्ला को उसके पिता हरीश शुक्ला की मौत होने पर पिछले साल मार्च में अंतरिम जमानत दी गई थी. अंतरिम जमानत मिलने के बाद, उसने अदालत में आत्मसमर्पण नहीं किया और फरार हो गया था. पुलिस ने कहा कि वो उसकी तलाश कर रहे थे और उसकी लोकेशन मिलने के बाद उसे फिर से गिरफ्तार कर लिया गया.