दिल्ली की अमर कॉलोनी में आईआरएस अधिकारी की बेटी की हत्या के मामले में पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं. जांच के दौरान दिल्ली पुलिस ने आरोपी राहुल मीणा के कब्जे से एक लाख रुपये से अधिक की नकदी और घर से चोरी किए गए जेवरात बरामद कर लिए हैं. ये सब कुछ द्वारका के उसी होटल से मिला है जहां पर राहुल वारदात के पहले और बाद में छुपा हुआ था. बताया जा रहा है कि उसने होटल का किराया भी उसी चोरी के पैसे से चुकाया गया था, जो उसने IRS के घर से निकाले थे.
उधारी देने वालों को ढूंढ रही पुलिस
पूछताछ में आरोपी ने रेप के दो मामलों में अपनी संलिप्तता कबूल की है, जिससे मामला और गंभीर हो गया. पुलिस अब इन दावों की पुष्टि करने और पीड़ितों की पहचान करने में जुटी हुई है. जांच में यह भी सामने आया है कि राहुल मीणा ऑनलाइन सट्टेबाजी का आदी था और इसी लत के चलते वह लगातार कर्ज में डूबता जा रहा था. वह आसपास के लोगों से पैसे उधार लेकर ऑनलाइन बेटिंग ऐप्स पर दांव लगाता था. पुलिस अब उन लोगों की पहचान कर रही है, जिन्होंने उसे पैसे उधार दिए थे, ताकि पूरे नेटवर्क को समझा जा सके.
एक महीने पहले हटाया गया था नौकरी से
पुलिस के अनुसार, राहुल मीणा करीब आठ महीने तक पीड़ित परिवार के यहां घरेलू काम करता था, लेकिन लगभग एक महीने पहले इसी सट्टेबाजी के चलते उसे नौकरी से हटा दिया गया था. अब हत्या और रेप के इस मामले में उसे गिरफ्तार कर लिया गया है.
इस पूरे केस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि यूपीएससी की तैयारी कर रही IRS की बेटी के साथ पहले कथित दुष्कर्म किया गया और उसके बाद मोबाइल चार्जर की केबल से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी गई.
मालू्म हुआ कि वारदात के दिन कुछ ड्राइवरों ने सुबह 6.30 बजे राहुल को सोसाइटी में घुसते हुए पहचान लिया था और उससे पूछा कि - तुम तो नौकरी से निकाल दिए गए हो तो इतनी सुबह यहां क्या कर रहे हो? इसपर उसने कहा था कि काम ढूंढने आया हूं. इससे साफ हो गया कि वह युवती के माता पिता के जिम जाने और उसके अकेले होने का इंतजार कर रहा था. फिर वह करीब 6:39 बजे घर में घुसा और करीब 7:30 बजे घर से निकल गया. जब लड़की के माता-पिता सुबह 8 बजे जिम से घर लौटे तो उन्होंने अपनी बेटी को खून से लथपथ पाया. पीड़िता के कपड़े फटे हुए थे और वह कमर से नीचे नग्न थी.
राहुल को थी घर की सारी जानकारी
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी को घर की पूरी व्यवस्था की जानकारी थी. उसे पता था कि नौकरों के लिए एक अतिरिक्त चाबी गेट के बाहर छिपाकर रखी जाती है. उसी चाबी का इस्तेमाल कर वह आसानी से बिल्डिंग और फिर फ्लैट में दाखिल हो गया था. इसके बाद वह सीधे ऊपर पीड़िता के कमरे तक पहुंचा और घटना को अंजाम दिया.
वारदात के बाद आरोपी भागकर द्वारका स्थित एक होटल में छिप गया था. पुलिस का कहना है कि उनके पास पर्याप्त सबूत हैं, जिनके आधार पर अदालत में यह साबित किया जाएगा कि आरोपी ने किस तरह योजनाबद्ध तरीके से उस घर को निशाना बनाया, जहां वह पहले काम कर चुका था.